बरेली। गुरु गोबिंद सिंह का 350वां गुरता गद्दी दिवस गुरुद्वारा गुरु गोबिंद सिंह नगर में सम्मान के साथ मनाया गया। पूरे गुरुद्वारे को रोशनी और फूलों से सजाया गया। वहीं पालकी साहिब की छटा देखते ही बन रही थी। कार्यक्रम की शुरुआत संध्या दीवान मे रहिरास साहिब के पाठ से हुई। हजूरी रागी सतवंत सिंह ने शबद-कीर्तन और आरती गायन से संगत को निहाल किया। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी की बाणी में से शबद “साधो गोबिंद के गुण गावउ” की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। विश्व प्रसिद्ध ढाढी गुरप्रताप सिंह ‘पदम’ ने शहीदी इतिहास पर आधारित ढाढी वारों की प्रस्तुति कर संगत को भाव-विभोर किया। वही पंजोखड़ा साहिब से आए पंथ प्रचारक सिमरनजीत सिंह ने उस ऐतिहासिक प्रसंग को सुनाया, जब कश्मीरी ब्राह्मण कृपाराम अत्याचारित होकर आनंदपुर साहिब पहुंचे और गुरु तेग बहादुर जी से धर्म रक्षा की गुहार लगाई। गुरु तेग बहादुर जी ने तिलक-जनऊ की रक्षा के लिए दिल्ली में शहादत स्वीकार करके सनातन धर्म की रक्षा की। अरदास और हुकुमनामा के बाद सरबत संगत ने प्रेमपूर्वक गुरु का लंगर छका। कार्यक्रम का संचालन मालिक सिंह कालरा ने किया। गुरदीप सिंह बग्गा, राजेंद्र सिंह, अमरजीत सिंह बख्शी, मनदीप सिंह, राणा प्रताप सिंह, हरनाम सिंह, कमलजीत सिंह, अमनदीप सिंह, जसपाल सिंह, गुरप्रीत सिंह, गुरमीत सिंह आदि रहे।।
बरेली से कपिल यादव
