मीरगंज, बरेली। जमीन का सौदा कराने के नाम पर किसानों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले महीपाल यादव गैंग के सदस्य मीरगंज के गांव मसीहाबाद निवासी सत्यवीर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वह करीब दो साल से वांछित था और गुजरात मे छिपा था। पुलिस ने उसे फरार घोषित किया तो सोमवार को वह सरेंडर होने की फिराक मे बरेली आया तभी पुलिस ने दबोच लिया। जमीनों का सौदा कराने के बहाने किसानों से करोड़ों की ठगी करने वाले मीरगंज के गांव मसीहाबाद के प्रधान महीपाल यादव गैंग के खिलाफ वर्ष 2023 मे भोजीपुरा, मीरगंज और भुता थानों में करीब 20 मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इन मुकदमों में इसी गांव के सत्यवीर के अलावा धीरेंद्र यादव, घंघोरा पिपरिया थाना भोजीपुरा के सतेंद्र यादव, गाजियाबाद के परवेज अली, बदायूं के रामबाबू यादव, रामपुर के श्यामवीर, हरीश समेत, अनुभव बेनीवाल और पूर्व दर्जा राज्यमंत्री पन्नालाल कश्यप समेत 24 से ज्यादा ठगों को नामजद किया गया है। बिथरी चैनपुर के गांव भगवतीपुर राजाराम निवासी भूपेंद्र की ओर से सात अक्तूबर 2023 को थाना भोजीपुरा में दर्ज कराए 18 लाख रुपये की ठगी के मुकदमे में मसीहाबाद का सत्यवीर वांछित था। इस पर 16 नवंबर को उसके घर फरारी का नोटिस चस्पा किया गया था। नोटिस चस्पा होते ही सोमवार को वह बरेली पहुंचा और अपने गैंग के वकील हितेंद्र राणा व हरीश राणा से मिलने बिलवा पुल के नीचे खड़ा था। तभी क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर संजय धीर ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह गुजरात में छिपा था और सरेंडर की फिराक में बरेली आया था। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।।
बरेली से कपिल यादव
