*कोतवाली पुलिस ने दोनों अपहरणकर्ताओं को किया गिरफ्तार
*कोतवाल सदर दुर्ग विजय सिंह ने अपहरण की घटना के दो वांछित एवं ईनामिया अभियुक्तों को किया गिरफ्तार
*वांछित अभियुक्तों पर 25, 25 हजार का इनाम घोषित
*सदर कोतवाल दुर्ग विजय सिंह के लगातार प्रयास से अभियुक्तों को जल्द किया गया गिरफ्तार
हमीरपुर – नगर के मोहल्ला विवेक नगर निवासी कलेक्ट्रेट कर्मचारी प्रभात तिवारी के 4 वर्षीय मासूम बेटे वैभव तिवारी का अपहरण 30 मई को उनके आवास से दिन दहाड़े दो अज्ञात बाइक सवारों ने कर लिया था| अपहरणकर्ताओं ने प्रभात तिवारी के मोबाइल पर वैभव को छोड़ने के एवज में 50 लाख की फिरौती मांगी थी| कोतवाली पुलिस के कोतवाल दुर्ग विजय सिंह ने सक्रियता दिखाते हुए बच्चे को उसी दिन अपहरणकर्ताओं के चंगुल से 4 घंटे में मुक्त करा लिया था | किंतु दोनों अपहरणकर्ता फरार चल रहे थे| कोतवाली प्रभारी दुर्ग विजय सिंह व एसओजी प्रभारी विनोद कुमार राय की टीम ने रोहइन नाले के पास से दोनों अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है| अभियुक्तों के पास से दो तमंचे 315 बोर व दो कारतूस एक चाकू व चोरी की एक बाइक 7320 रूपये नगद व आधार कार्ड दो सोने की अंगूठी एक चांदी की रिंग व चांदी की चेन बरामद की है | पुलिस अधीक्षक शुभम पटेल ने अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को 10000 रूपये का नगद इनाम दिया है| पुलिस अधीक्षक शुभम पटेल ने पुलिस लाइन सभागार में एक प्रेस वार्ता का आयोजन कर बताया कि प्रभात तिवारी के सगे बड़े भाई प्रदीप कुमार तिवारी कैलाश बिहार जाजमऊ थाना चकेरी जनपद कानपुर नगर में रहते हैं| प्रदीप तिवारी ने 280000 रूपये अपने छोटे भाई प्रभात तिवारी को भेजने के लिए अपने लड़के सोमेश को दिए थे | किन्तु उनका बेटा सोमेश तिवारी आईपीएल में शर्त में यह रकम हार गया था | वही पिता प्रदीप कुमार तिवारी द्वारा सोमेश से यह रकम प्रभात तिवारी को भेजने के लिए दबाव बनाया जा रहा था| सोमेश तिवारी अपने पिता को बार-बार यह बहाना बनाकर टाल देता था कि अभी सर्वर काम नहीं कर रहा है| इसके बाद उसने अपने एक मित्र सुमित तिवारी पुत्र दुर्गा प्रसाद तिवारी निवासी तिवारीपुर थाना जाजमऊ कानपुर नगर के साथ मिल कर अपने ही चाचा प्रभात तिवारी के 4 वर्षीय बेटे वैभव तिवारी अपहरण करने की योजना बनाई | उसका मानना था कि वैभव उनके चाचा की इकलौती संतान है | और तुरंत पैसा मिल जाएगा| इस कार्य को अंजाम देने के लिए सोमेश तिवारी व सुमित तिवारी ने घाटमपुर से एक बाइक चोरी की और उसी बाइक से 27 मई को प्रभात तिवारी के विवेक नगर स्थित घर आए और उसी दिन 2 बजे दरवाजा खुलवाया तो सोमेश की चाची निकली सुमित तिवारी ने उनसे किसी का नाम पूछा और दोनों वापस कानपुर चले गए | अगले दिन पुनः 28 तारीख को वह दोनों घाटमपुर आए और एक दूसरी बाइक पैशन प्रो चुराई उस बाइक से हमीरपुर आने के बाद बेतवा पुल के आगे एक व्यक्ति जो साइकिल से जा रहा था | उसका मोबाइल छीना और राठ तिराहे से बस से होकर कानपुर चले गए 29 मई को पुनः दोनों दिन में इसी बाइक से हमीरपुर आए और कामयाब ना होने पर फिर वापस कानपुर चले गए | 30 मई को दोनों सुबह इसी बाइक से कानपुर से चलकर हमीरपुर आए और घटना को अंजाम दिया | फिर सुमेरपुर पहुंचकर लुटे हुए मोबाइल से 50 लाख की मांग की और टेढ़ा होते हुए जसपुरा के पहले बच्चे को गला दबाकर मारने की कोशिश की जब वह बेहोश हो गया तो पुल के अंदर डाल कर वापस आए किंतु वैभव को होश में बैठा हुआ देखकर सोमेश ने चाकू से उसका गला काट दिया | इसके बाद दोनों सठगवां चौकी चांदपुर होते हुए कानपुर चले गए | तब से दोनों लखनऊ वाराणसी चंदौली में अपने को छुपाए रहे पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए 5 टीमें गठित की गई थी | इसके अलावा अपहरणकर्ताओं पर 25- 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था| आज सोमेश तिवारी व उसके साथी सुमित तिवारी को रोहाइंन नाले के पास से गिरफ्तार किया गया है | सोमेश तिवारी पुत्र प्रदीप कुमार तिवारी पर 7 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं | जबकि सुमित तिवारी पुत्र दुर्गा प्रसाद तिवारी पर भी इतने ही मुकदमे दर्ज हैं|
