बरेली। युवाओ को आत्मनिर्भर बनाने के दावों की जमीनी हकीकत आंवला संसदीय क्षेत्र मे बिल्कुल अलग है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत पिछले तीन वर्षों में आंवला क्षेत्र से केवल दो युवाओं को ही स्वरोजगार के लिए ऋण मिल सका है। आंवला से सपा सांसद नीरज मौर्य ने लोकसभा मे प्रश्न उठाते हुए पूछा था कि वर्ष 2022 से 2025 के बीच उनके संसदीय क्षेत्र मे पीएमईजीपी के तहत कितने लाभार्थियों को ऋण और सब्सिडी दी गई। साथ ही उन्होंने एटा, कासगंज और जौनपुर संसदीय क्षेत्रों की जानकारी भी मांगी थी। जवाब मे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की राज्य मंत्री शोभा करांदलाजे ने बताया कि वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान आंवला संसदीय क्षेत्र मे पीएमईजीपी के तहत न तो किसी को सब्सिडी दी गई और नही कोई ऋण। हालांकि वर्ष 2022-23 मे मात्र 6.04 लाख की सब्सिडी और 17.76 लाख रुपये का ऋण दिया गया था। आंकड़ों के अनुसार तीन वर्षों में आंवला क्षेत्र से कुल 26 मे से सिर्फ दो आवेदकों को ही ऋण मिल सका। आंवला सांसद नीरज मौर्य का कहना है कि सरकार के दावे और हकीकत मे काफी अंतर है। सरकार को लोन देने के नियमों मे सरलता लानी चाहिए। जिससे अधिक युवाओं को इसका लाभ मिल सके।।
बरेली से कपिल यादव
