बरेली। अतिक्रमण और सालों से कूड़ा करकट पड़ने की वजह से अस्तित्व खो रही किला नदी को संरक्षित करने की कवायद शुरू हो गई है। नदी को स्वच्छ बनाने की दिशा में डीएम अविनाश सिंह ने नदी के आसपास भवनों के मालिकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि आवास या भवन का सीवेज नदी मे न गिरे, इसके लिए भवन स्वामियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी को नदी किनारे के भवनों को चिह्नित करने के भी निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार देर शाम बैठक कर डीएम ने पहले जिला पर्यावरण समिति की समीक्षा कर निर्देश दिये कि नगर निगम, प्रदूषण बोर्ड एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम नगरीय, ग्रामीण क्षेत्रों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारण करने वाली एजेंसी के वाहनों को और उनकी कार्यप्रणाली को चेक करें कि उनके स्तर से किस प्रकार जैव चिकित्सा अपशिष्ट का निस्तारण किया जा रहा है। अनियमितता पाने पर अधिक से अधिक जुर्माना लगाएं। नगर निगम, प्रदूषण बोर्ड एवं स्वास्थ्य विभाग को जैव चिकित्सा अपशिष्ट के निस्तारण के लिए निजी अस्पतालों के लिए एक एसओपी बनाने के भी निर्देश दिए। अस्पतालों एवं अन्य हेल्थ केयर फैसिलिटी सेंटर को जैव चिकित्सा अपशिष्ट की गंभीरता एवं उसके सेग्रीगेशन के विषय में बताएं। एसपी यातायात एवं परिवहन विभाग को निर्देश दिये कि स्कूलों मे संचालित हो रहे अनधिकृत वाहनों के विरुद्ध सतत रूप से अभियान चलाएं, जो वाहन अधिकृत हैं उनकी फिटनेस भी प्रत्येक माह चेक कराएं। जिला गंगा समिति की बैठक में अधिशासी अभियंता जल निगम नगरीय को निर्देश दिये कि बरेली नगर के सीवेज सिस्टम को बेहतर करने के लिए नालों का चिह्नीकरण और टैपिंग करें। एसटीपी निर्माण के संबंध प्लान बनाकर शासन को भेजें। नगर आयुक्त, अधिशासी अभियंता जल निगम, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण बोर्ड बरेली एवं डीएफओ बैठक करें।।
बरेली से कपिल यादव