बरेली। कन्हैया गुलाटी का कैनविज ग्रुप निवेशकों को चूना लगाने के लिए अपनी वेवसाइट पर एलआईसी का लोगो प्रदर्शित कर लोगो को गुमराह कर रहा था। एलआईसी से करार समझकर भी आम लोग उसकी ठगी का शिकार हुए। अब उसके खिलाफ लगातार रिपोर्ट दर्ज होने के बाद नये-नये मामले सामने आ रहे है। आपको बता दें कि कन्हैया गुलाटी एवं उसके अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ यूपी, बिहार और छत्तीसगढ मे 26 मुकदमे दर्ज है। इनमें से बरेली के प्रेमनगर, सुभाषनगर, बारादरी, फरीदपुर, नवाबगंज और फतेहगंज पश्चिमी में 18 मुकदमे हैं। अयोध्या व कासगंज में एक-एक और शाहजहांपुर में दो मुकदमे हैं। झारखंड में रांची के थाना अरगोरा और बिहार में बेरोह के थाना नगर में एक-एक मुकदमा दर्ज है। इनमें आठ मुकदमे हाल ही में थाना बारादरी में दर्ज कराए गए हैं। एसएसपी अनुराग आर्य ने उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित करने के साथ ही जांच के लिए एस्पी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान के नेतृत्व में गठित एसआईटी से जांच कराने की बात कही है। इसी बीच सामने आया है कि लोगों की भरोसे में लेने के लिए कन्हैया गुत्राटी ने कैनविज कंपनी की वेबसाइट पर एलआईसी का लोगों को लगाया हुआ था। यह देखकर लोगों की लगता था कि एलआईसी ने भी निवेश के लिए उसको अधिकृत किया है। इसको लेकर आरटीआई लगाई तो खुलासा हुआ कि कैनविज का एलआईसी से कोई संबंध नही है। कई बार एलआईसी की ओर से उसे नोटिस दिए गए लेकिन उसने जवाब नही दिया और फिर लोगो हटा दिया। शनिवार को कन्हैया गुलाटी और उसकी टीम के खिलाफ सीतापुर मे थाना लहरपुर के गांव रुखार निवासी राकेश कुमार ने भी शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुलाटी की टीम ने रकम दोगुनी करने का झांसा देकर साढ़े छह लाख रुपये उनसे निवेश कराए। कहा गया कि हर महीने 30 हजार रुपये दिए जाएंगे लेकिन समय पूरा होने पर रकम मिलने के बजाय धमकियां मिलने लगी।।
बरेली से कपिल यादव
