ऋषि कात्यायन के नाम पर माता का नाम पड़ा कात्यायनी: भक्तो ने लगाया माता को शहद का भोग

*शारदीय नवरात्र के छठे दिन माता कात्यायनी की हुई पूजा अर्चना।

*ऋषि कात्यायन की पुत्री के रूप में माता ने लिया था जन्म।

मझौलिया/बिहार – शारदीय नवरात्र के छठे दिन माता दुर्गा के छठे स्वरूप माता कात्यायनी की पूजा भक्तों द्वारा मझौलिया प्रखंड में की गई। पौराणिक गाथा के अनुसार ऋषि कात्यायन ने तपस्या की और वरदान मांगा कि माता भगवती उनके घर पुत्री रूप में जन्म ले। ऋषि कात्यायन की पुत्री होने के कारण देवी का नाम कात्यायनी पड़ा।
रोग विलाप संताप शोक से मुक्ति के लिए भक्तों द्वारा माता की पूजा की जाती है। भक्तों द्वारा माता को शहद का भोग लगाया गया क्योंकि माता को शहद अति प्रिय है। माता कात्यायनी की जिस पर कृपा दृष्टि हो जाती है वह भक्त परम पद को प्राप्त होता है। उसका लोक और परलोक दोनों सफल हो जाता है।

– मझौलिया से राजू शर्मा की रिपोर्ट

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