बरेली। सौ फुटा रोड स्थित निजी अस्पताल मे हुई मरीज की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मृतक की पत्नी लक्ष्मी देवी ने मंगलवार को महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पांडेय से सर्किट हाउस मे मिलकर अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। परिवार का आरोप है कि उनके मरीज की अस्पताल मे इलाज मे लापरवाही के चलते मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने 55 हजार रुपये भी वसूल लिया और आयुष्मान कार्ड जबरन रख लिया। इस मामले मे महिला आयोग की सदस्य से सीएमओ को जांच कराकर कार्रवाई करने को कहा है। झिंगरी गांव के रहने वाले उर्वेश यादव को परिजनों ने बीते 25 सितंबर को पीलीभीत बाईपास स्थित सनराइज अस्पताल में भर्ती कराया था। घरवालों का आरोप है कि इलाज के दौरान स्टाफ और प्रबंधन उनसे बदसलूकी करता रहा। छह दिन बाद मरीज की मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने उनसे मरीज का आयुष्मान कार्ड भी जबरन ले लिया और 55 हजार रुपये भी वसूल लिए। यही नही जब मरीज की मौत हो गयी तब पोस्टमार्टम कराने की बात कही। इस पर मैनेजर ने सादा कागज पर साइन करा लिए और हमसे कहा कि हम आपको योजना दिला देंगे और उसके बाद जब हम अस्पताल गए तो हमे धमकियां देने लगा। महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पांडे ने फोन पर हुई वार्ता के दौरान कहा कि यह मामला सिर्फ ठगी का मामला नही है बल्कि एक बड़ी जालसाजी की ओर संकेत करता है। उन्होंने कहा कि विधवा महिला के तीन बच्चे हैं और बहुत ही गरीब परिवार है और वह न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। मामले में सीएमओ से बात की प्रकरण में जांच के आदेश दिए हैं। कहा कि वह पूरे प्रकरण की रिपोर्ट शासन को देंगी। जब तक परिवार को न्याय नहीं मिल जाता महिला आयोग इसमें कार्रवाई जारी रखेगा। अब उनको समझौता करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पांडेय ने इस मामले में सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह से बात की और कहा कि प्रकरण की जांच कराई जाए। जांच में जो तथ्य सामने आएं, उनके अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।।
बरेली से कपिल यादव
