प्रयागराज- महाकुंभ प्रयागराज मुंबई से दो श्रृद्धालु संगम स्नान के लिए छिवकी प्रयागराज स्टेशन पर उतरे, स्टेशन पर भारी जन सैलाब उमड़ा हुआ था हर तरफ सिर्फ आदमी ही आदमी दिखाई पड़ रहे थे। इन श्रद्धालुओं को झूसी प्रयागराज जाना था रास्ते की दूरी लम्बी थी इसलिए रिक्शे को लिया जैसे ही लेप्रोसी चौराहे नैनी पर पहुंची साड़ी का पल्लू रिक्शे के पहिए में फस गया साड़ी ने रस्सी का रूप लेते हुए बायें हाथ के कन्धे को तोड़ डाला इसी बीच पुलिस व आम पब्लिक आकर धोती काटी व किरण दूबे को बचाते हुए हास्पिटल में ले गये जहाँ उनके रिस्तेदार एडवोकेट आशीष कुमार मिश्र को सुचना मिली श्रद्धालु ने अपने रिस्तेदार से मिलते ही बोली “लगता है स्नान नहीं हो पायेगा” वकील साहब ने धीरज बधाते हुए डा अनुज गुप्ता से सलाह ली डाक्टर ने तुरंत आपरेशन करने की सलाह दी उस समय किरण को सिर्फ अंधेरे ही अंधेरे दिख रहे थे, लेकिन आशीष रूपी प्रकाश ने धीरज बधाते हुए तुरंत आपरेशन की सहमति दे दी, आपरेशन सफल रहा, मेजर आपरेशन के कारण स्नान संभव नहीं दिख रहा था लेकिन श्रद्धालू की इच्छा शक्ति प्रबल होने के कारण अंतोगत्वा 25 फरवरी को डाक्टर ने संगम स्नान के लिए डिस्चार्ज किया 26 फरवरी को सुबह महाकुंभ का अंतिम अमृत स्नान दिव्यता से किरन ने की तभी तो कह सकते हैं कि श्रद्धा दुर्घटना पर भारी है।
आस्था दुर्घटना पर भारी : लगाई आस्था की डुबकी
