बरेली। शासन की महत्वकांक्षी आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को किस प्रकार बेहतर इलाज निजी अस्पतालों मे दिया जा रहा है इसका खुलासा शुक्रवार को हुआ। कमिश्नर के आदेश पर सीएमओ द्वारा गठित टीम ने शहर के तीन निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। जहां योजना के लाभार्थी मरीजों से नकद भुगतान होता मिला। वहीं बॉयो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण भी ठीक नही पाया गया। जिस पर तीनों अस्पतालों को नोटिस जारी स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सबसे पहले टीम स्टेडियम रोड स्थित डॉ. एम खान हॉस्पिटल पहुंची यहां टीम ने आईसीयू देखा तो स्टाफ बिना प्रोटोकॉल फॉलो करते हुए मरीज के दवाइयां लगाते मिले, इमरजेंसी ड्रग्स ट्राली मे एक्सपायर दवाइयां मिली। आयुष्मान भारत योजना के भर्ती 3 मरीज फारुख से 1100, शाहिद से 1200 ओर जीनत से 2200 रुपये नगद इलाज में वसूल किए गए इसके साथ ही बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण भी ठीक नाहीं मिला। इसके बाद टीम स्टेडियम रोड स्थित सांई हॉस्पिटल पहुंची यहां आईसीयू चेक करने पर पाया कि आयुष्मान भारत योजना 1 लाभार्थी मरीज निशा जो कि सामान्य स्थिति में भी लेकिन मरीज को जबरन आईसीयू मे भर्ती कर रखा था। वही जनरल वार्ड मे भर्ती मरीज प्रेमवती ने बताया कि उससे खून की जांचें के एवज मे 3800 रुपये नकद लिए गए हैं। वही टीम जब माधोबाड़ी स्थित वंश हॉस्पिटल पहुंची तो यहां आईसीयू वार्ड में कोई मरीज भर्ती नहीं था हालांकि इमरजेंसी वार्ड में योजना के 24 लाभार्थी मरीज भर्ती मिले। जिसमें मरीज सुषमा पाल, इरशाद, आबिद और मनोरमा से जांचे नगद भुगतान पर कराई गई वहीं बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण भी ठीक नही मिला।।
बरेली से कपिल यादव
