बरेली। आयुष्मान मरीज से वसूली करने, विशेषज्ञ चिकित्सक नही होने के बाद भी मरीज को भर्ती करने समेत कई अन्य आरोप मे सनराइज अस्पताल प्रबंधन दोषी पाया गया है। सीएमओ के आदेश पर गठित जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में अस्पताल प्रबंधन पर भारी जुर्माना लगाने के साथ ही अन्य कार्रवाई की संस्तुति की है। सीएमओ कार्यालय से आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय भेजी गई है। झिंगरी गांव के रहने वाले उर्वेश यादव को परिजनों ने बीते 25 सितंबर को पीलीभीत बाईपास स्थित सनराइज अस्पताल में भर्ती कराया था। घरवालों का आरोप है कि इलाज के दौरान स्टाफ और प्रबंधन उनसे बदसलूकी करता रहा। छह दिन बाद मरीज की मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने उनसे मरीज का आयुष्मान कार्ड भी जबरन ले लिया और 5 लाख रुपये से अधिक वसूला था। साथ ही उनको बिल भी नही दिया था। इस मामले मे भमोरा थाने मे मुकदमा दर्ज है। जिसकी विवेचना इज्जतनगर थाने को ट्रांसफर हो गई है। जांच मे सामने आया है कि सनराइज अस्पताल ने आयुष्मान कार्ड के बाद भी मरीज से रुपये लिए थे। सीएमओ ने 2.70 लाख परिवार को वापस करने प्रबंधन को निर्देश दिया है। साथ ही कार्रवाई की संस्तुति के साथ जिलाधिकारी कार्यालय रिपोर्ट भेज दी है। यह भी पता चला कि मरीज उर्वेश कुमार को लिवर और किडनी की बीमारी थी लेकिन गुर्दा रोग विशेषज्ञ, जनरल और गैस्ट्रो फिजिशियन नही थे। मरीज का इलाज एनेस्थेटिक डॉ. रेहान अहमद ने किया। वेंटिलेटर पर भर्ती करते समय परिजनों से सहमति भी नही ली थी। अस्पताल की आयुष्मान योजना से संबद्धता भी समाप्त की जा सकती है।।
बरेली से कपिल यादव
