बरेली। अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल मे 26 सौ मरीजों को डॉक्टरों ने देखा। अल्ट्रासाउंड और एक्सरे जांच के लिए कक्ष के बाहर मरीजों की कतार रही। पहले पर्चा बनवाने और दवा लेने के लिए धक्कामुक्की और नोकझोंक होने पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए। सोमवार सुबह ठंड के बावजूद इलाज के लिए तमाम मरीज जिला अस्पताल पर्चा काउंटर पर पहुंच गए थे। सुबह आठ बजे काउंटर खुला और दोपहर डेढ़ बजे तक 1932 नए पर्चे बने। करीब छह सौ मरीज पुराना पर्चा लेकर परामर्श और दवा के लिए पहुंचे थे। सुबह 11 बजे काउंटर पर कतार के बजाय पहले पर्चा बनवाने के लिए आगे बढ़े लोगों को रोकने पर कतार में खड़े लोगों ने आपत्ति जताई। नोकझोंक, धक्कामुक्की होने पर सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाकर शांत कराया। दोबारा नोकझोंक होने पर एडी एसआईसी ने सुरक्षाकर्मी को तैनात किया। वही डॉ के परामर्श पर अल्ट्रासाउंड और एक्सरे कराने के लिए भी मरीजों को काफी देर इंतजार करना पड़ा। तीमारदारों का आरोप था कि कर्मचारी परिचित या सिफारिशी लोगों की जांच पहले कर रहे हैं। जिसकी वजह से उन्हें इंतजार करना पड़ा। कुछ लोगों को अगले दिन बुलाया। जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड ओपीडी में इलाज के लिए सोमवार को 160 बच्चे पहुंचे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप के मुताबिक इसमें से 30 बच्चों में निमोनिया संदिग्ध लक्षण मिले। उनमें सर्द-गर्म, खांसी के साथ तेज बुखार और सीने में जकड़न थी। गहरी सांस ले रहे थे। दवा के साथ परिजन को बचाव के उपाय बताए गए। बच्चों को धूप निकलने पर भी गर्म कपड़े पहनाने, गुनगुना पानी, दूध पिलाने का सुझाव दिया। वही सीएमओ कार्यालय परिसर में आयोजित शिविर तक दिव्यांगों को पहुंचने की दिक्कत थम नही रही। ऑटो, ई रिक्शा उन्हें गेट के बाहर उतार देते है। फिर घिसटकर या परिजन के कंधे के सहारे शिविर पहुंचते हैं। दिव्यांगों को जमीन पर न बैठना पड़े इसलिए परिसर में कुर्सियां लगाई गई है। प्रमाण पत्र शिविर में आए दिव्यांगों को सीएमओ कार्यालय का पिछला गेट खोलने से काफी सहुलियत हुई। सोमवार को शिविर मे व्यवस्था मे सुधार दिखा। सोमवार को शिविर में पहुंचे 62 दिव्यांगों में से 53 के प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण हुआ। शेष को अगले स्लॉट में आने को कहा गया।।
बरेली से कपिल यादव
