अमरसापुर मलावा खुर्द गांव में बने खाद बिक्री हेतु सूसाइटी 1984 में निर्माणाधीन है जिसमें दर्जनों से अधिक गांवों के किसानो को खाद वितरित किया जाता था। तथा एक दशक पूर्व से खाद की बिक्री ठप कर दी गई जिससे किसान परेशान हैं।
झूंसी -प्रयागराज। विश्व बैंक ग्रामीण गोदाम परियोजना द्वारा निर्मित साधन सहकारी समिति लिमिटेड अमरसापुर सहकारी बिक्री केंद्र का खस्ताहाल है किसानों का कहना है कि जहां एक समय था कि खाद के लिए तांता लगा रहता था उसी बीच आज जानवरों का बाड़ा बना है। वही किसान इन दिनों आलू की बुवाई धड़ल्ले से कर रहे है साथ ही साथ रवि की बुवाई भी तेजी से की जा रही है किसानों को डीएपी खाद की चिंता सता रही है कि डीएपी खाद कहां से लूं नजदीकी सहकारी खाद बिक्री केंद्र अमरसापुर मलावा खुर्द गांव में बनी। पिछले एक दशक से खाद की आपूर्ति ठप है वही सूसायटी सचिव व मैनेजर की लीपापोती की वजह से ग्राम पंचायत अमरसापुर मलावा खुर्द में खाद वितरित नहीं किया जाता है जिससे किसान 12 किलोमीटर दूर इफको फैक्ट्री के बगल बने सोसाइटी से डीएपी खाद ले आकर आलू व गेहूं की बुवाई कर रहे हैं जिसमें किसानों को दोगुना खर्च करना पड़ता है छोटे किसान दुकानों से ओने पौने भाव में डीएपी खाद खरीद कर खेती करने पर मजबूर हैं तथा गांव के किसान मानिकचंद यादव बच्चे मियां राम सिंह कुशवाहा भल्लू भारतीय का कहना है सूसाइटी के चपरासी से खाद के बारे में पूछा जाता है तो कहता है कि भैया मैं नहीं जानता सोसाइटी सचिव कमलेश मिश्रा से बात करे।
