बरेली। सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीएम अविनाश सिंह ने सख्त रुख इख्तियार किया है। डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार मे जिला सड़क सुरक्षा समिति की वर्ष 2025 की अंतिम बैठक में साफ कर दिया कि अब निर्देश नहीं, सीधी कार्रवाई होगी। उन्होंने परिवहन, पुलिस, नगर निगम, एनएचएआई, गन्ना विभाग सहित तमाम विभागों के अफसरों की मौजूदगी मे 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय बैठक के निर्देशों को आधार बनाते हुए जिले की जमीनी हकीकत पर कड़ी नाराजगी जताई। बैठक मे स्पष्ट कहा कि सड़क हादसों के पीछे लापरवाही सबसे बड़ा कारण है और इसके लिए जिम्मेदार अफसरों और एजेंसियों को बख्शा नहीं जाएगा। सड़कों पर घूमते और हाईवे पर डिवाइडर पर बैठे आवारा पशुओं को हटाने के लिए विशेष अभियान एनएचएआई चलाएगा। डीएम ने बैठक मे प्रमुख बिंदुओं पर विचार-विमर्श एवं आवश्यक निर्देश निर्देश देते हुए कहा, सड़क सुरक्षा अभियानको और अधिक प्रभावी बनाने हेतु निरंतर जागरूकता कार्यक्रम करने को कहा। सड़क सुरक्षा संदेशों के प्रचार-प्रसार हेतु होर्डिंग, पब्लिक एड्रेस सिस्टम एवं अन्य माध्यमों के व्यापक उपयोग पर सहमति बनी। सड़क डिवाइडर पर बैठे अथवा विचरण कर रहे आवारा पशुओं को हटाने हेतु नियमित कार्रवाई सुनिश्चित की जाये। घने कोहरे कोहरे के दृष्टिगत तालाब एवं जलाशयों के समीप विशेष सुरक्षा उपाय जैसे चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग एवं रिफ्लेक्टर लगाकर सुरक्षित करें। स्कूल वाहनों की नियमित जांच कर फिटनेस, परमिट, ओवरलोडिंग एवं सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो। डबल डेकर, स्लीपर बसों के मानक अनुरूप संचालन तथा 300 किमी से अधिक दूरी तय करने वाली बसों की अनिवार्य रूप से डबल ड्राइवर की व्यवस्था हो। बैठक में सीडीओ देवयानी, एआरटीओ डॉ. पीके सरोज, जिला गन्ना अधिकारी दिलीप सैनी, एआरएम बरेली डिपो संजीव कुमार, एआरएम रुहेलखंड डिपो अरुण वाजपेयी, यातायात सीओ, ट्रांसपोर्ट यूनियन के पदाधिकारी आदि मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव
