बरेली। यूजीसी के नए नियम विरोध मे श्री राजपूत करणी और राष्ट्रीय सेवा संघ ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों ने यूजीसी नियम वापस न होने की स्थिति मे कलेक्ट्रेट पर सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी दी। इस दौरान कलेक्ट्रेट पर पुलिस बल सतर्क रहा। प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन देते हुए कहा कि यूजीसी नियम हिंदू समाज को आंतरिक रूप से विभाजित करने की साजिश है। इससे उच्च शिक्षा संस्थानों में सामान्य वर्ग के छात्रों का उत्पीड़न बढ़ेगा। यह कानून शिक्षा के माहौल को दूषित करेगा जो न केवल छात्रों के लिए बल्कि शिक्षकों, संस्थाओं के मालिकों और समग्र शैक्षिक व्यवस्था के लिए घातक साबित होगा। संगठन ने आरोप लगाया कि यह कानून वोट बैंक की राजनीति का औजार प्रतीत होता है। इस कानून को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई गई। जिला अध्यक्ष ठाकुर अंकित सिंह, वरुण तोमर, शिवम सिंह, लल्लन सिंह, विशाल चौहान, राजीव सिंह, अवनीश सिंह, रणजीत सिंह आदि मौजूद रहे। वही सुप्रीम रोक की जानकारी मिलते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ गयी। यह निर्णय सामान्य वर्ग की न्यायपूर्ण लड़ाई की दिशा मे महत्वपूर्ण कदम बताते हुए लोगों ने धरना स्थगित कर दिया। यूजीसी के समर्थन मे उतरी भीम आर्मी: उधर, भीम आर्मी ने यूजीसी के समर्थन मे धरना प्रदर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट में दिया। जिला संयोजक महेंद्र पाल सागर ने कहा कि यह कानून संविधान में निहित समानता, सामाजिक न्याय, निष्पक्ष प्रशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूती देगा। इसे हर हाल में लागू किया जाए। साथ ही भीम आर्मी ने निलंचित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ विभागीय जांच जल्द पूरी कर कार्रवाई की मांग उठाई।।
बरेली से कपिल यादव
