बरेली – यूजीसी के काले कानून के विरुद्ध चल रहे देशव्यापी आंदोलन में भारत के चौथे स्तंभ मीडिया ने जिस निर्भीकता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाई, वह वास्तव में प्रशंसनीय और ऐतिहासिक है।
सामान्य जाति समाज के विरुद्ध इस कानून के माध्यम से जो सुनियोजित अन्याय और दमन का अभियान चलाया जा रहा था, उसे मीडिया ने न केवल उजागर किया, बल्कि पीड़ित समाज की आवाज़ को मुखर, प्रखर और बुलंद स्वर प्रदान कर देश के कोने-कोने तक पहुँचाया।
मीडिया की यही सजगता और निष्पक्ष पत्रकारिता का परिणाम रहा कि यह आंदोलन एक सशक्त जनआंदोलन के रूप में माननीय सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँचा, जहाँ इस काले कानून पर रोक लगाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। यह लोकतंत्र की जीत है और इसमें मीडिया की भूमिका अविस्मरणीय है।
समस्त सामान्य जाति समाज, निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले सभी पत्रकार बंधुओं, समाचार संस्थानों और मीडिया कर्मियों का हृदय से अभिनंदन एवं कोटि-कोटि आभार व्यक्त करता है।
आपने यह सिद्ध कर दिया कि आज भी मीडिया लोकतंत्र की आत्मा है और जनता की आवाज़ का सच्चा प्रहरी है।
बरेली में यूजीसी के विरोध में गत पांच दिनों से चल रहे आंदोलन में अपना सहयोग और सजगता बनाए रखने वाले हमारे शुभचिंतक जन आपके इस सहयोग के लिए हृदय से सदैव आभारी रहेंगे। आप यो ही जनता की आवाज बनकर सत्य की ताकत बनते रहे।
UGC का विरोध कर रहे आंदोलनरत लोगों ने सुप्रीम कोर्ट से रोक पर जताया मीडिया का आभार
