48 घंटे से आयकर टीमों का सुपीरियर शराब फैक्ट्री मे डेरा, खंगालती रही उत्पादन और बिक्री का ब्योरा

बरेली। जनपद के थाना सीबीगंज स्थित सुपीरियर शराब फैक्ट्री पर गुरुवार यानि तीसरे दिन भी आयकर टीमें जांच में जुटी रहीं। फैक्ट्री में जांच चलते हुए करीब 48 घंटे बीत चुके है। फिर प्रबंधन के अब तक कोई राहत नही मिली है। हालांकि तीसरे दिन कुछ कर्मचारियों को बाहर जाने की अनुमति दी गई। जांच मे क्या खामियां मिली है रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। गुरुवार को फैक्ट्री परिसर मे अधिकारियों और कर्मचारियों की आवाजाही पर रोक लगाते हुए मोबाइल फोन को जब्त कर लिया। टीम को आयकर मे बड़े स्तर पर हेराफेरी की आशंका है। जिसे साफ करने के लिए वर्ष 2003 तक का व्योरा खंगाल रही है। बीते मंगलवार देर शाम करीब छह बजे दिल्ली की आयकर विभाग की टीमें सीबीगंज स्थित सुपीरियर शराब फैक्ट्री पहुंची तब से टीमें जांच मे लगातार जुटी हुई है। जांच के तीसरे दिन कुछ कर्मियों को बाहर जाने की अनुमति दी गई। सुपीरियर फैक्ट्री के बाहर स्थित दुकान संचालकों ने बताया कि दो दिन से फैक्ट्री के बाहर सन्नाटा पसरा रहा। सिर्फ फैक्ट्री मे तैनात कर्मचारियों के वाहन ही पार्किंग मे खड़े है। लेकिन गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे कुछ लोडर वाहन और साइकिल पर सवार कर्मचारी बाहर निकले। हालांकि गुरुवार देर शाम करीब छह बजे तक भी आयकर टीमें दस्तावेज खंगालने मे जुटी रही। जांच में क्या हुआ इसका खुलासा टीम की रिपोर्ट आने बाद ही होगा। सूत्रों के मानें तो फैक्ट्री मे माल खरीद फरोख्त संबंधी कई खामियां जांच मे सामने आई है। गुहार लगाता रहा एचआर, नही मिली अनुमति: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बीते मंगलवार देर शाम जब आयकर टीमें यहां छापेमारी के लिए पहुंची तो फैक्ट्री के एचआर की शिफ्ट खत्म होने पर वह घर चले गए थे। लेकिन टीमों के आने की सूचना जैसे ही प्रबंधन ने एचआर को दी तो वह वापस फैक्ट्री पहुंचे लेकिन उन्हें प्रवेश नही दिया गया। एचआर से कई बार सुरक्षा गार्ड के माध्यम से सूचना भी टीमों तक भिजवाई लेकिन टीमों ने प्रवेश देने से साफ इंकार कर दिया। स्क्रैप लेकर निकले वाहन: शराब फैक्ट्री से बड़ी संख्या मे छोटे व बड़े वाहनों से शराब की सप्लाई प्रदेश भर मे होती है इसके साथ ही कई टन शराब के पौवा और बोतलों का स्क्रैप भी निकलता है। ऐसे में तीसरे दिन फैक्ट्री से आवागमन आरंभ होने के बाद स्क्रैप लेकर वाहन भी फैक्ट्री से निकले। वाहन चालकों ने बताया कि टीमों ने कर्मचारियों के साथ ही वाहन चालकों से भी स्क्रैप के बजन संबंधी पूछताछ की। जिसके बाद ही उन्हें वहां से जाने दिया।।

बरेली से कपिल यादव

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