हिंदू सम्मेलन मे एकता और सांस्कृतिक पर दिया गया जोर

बरेली। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अटल सभागार मे आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य मे शिव शक्ति हिंदू सेवा समिति के तत्वावधान मे रविवार को सम्मेलन हुआ। सम्मेलन मे वक्ता रविंद्र सिंह ने कहा कि हिंदू समाज को जागृत करने और जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्रभावना को प्रसारित करने की आवश्यकता है। उन्होंने पंच परिवर्तन से देश को आगे ले जाने का आह्वान किया। प्रो. सुमित्रा कुकरेती ने सनातन धर्म और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने पाश्चात्य नारीवाद को भारत के लिए अनुपयुक्त बताया। मुख्य अतिथि अनुपम ने कहा कि संघ का उद्देश्य हिंदू गौरव को पुनस्र्थापना करना रहा है। उन्होने राम मंदिर को राष्ट्र मंदिर बताते हुए कहा कि हिंदू समाज ने अपने रीति-रिवाजों के कारण ही हजार वर्षों में भी अपनी सांस्कृतिक पहचान बचाए रखी। आचार्य संजीव कृष्ण ने भारतीय संस्कृति में माताओं के योगदान को रेखांकित किया। विशिष्ट अतिथि श्रुति गंगवार ने कहा कि आरएसएस ने राष्ट्र सर्वोपरि के सिद्धांत पर चलते हुए, युवाओं में देशभक्ति का संचार किया है। संचालन डॉ. त्रिलोचन शर्मा ने किया। हेम गौतम, मानव शुक्ला, डॉ. दीपक गंगवार, डॉ. सौरभ वर्मा, डॉ. सुमित श्रीवास्तव, तपन वर्मा, डॉ. अजय यादव, प्रो. आशुतोष प्रिया, राम प्रकाश शाही, डॉ. कौशल सक्सेना आदि रहे। वही गुरु गोविंद सिंह नगर की वसंत विहार और मत लक्ष्मीपुर मे हुए सम्मेलन मे प्रो. विमल, डॉ सुरेंद्र सिंह बगौर, केके शंखधार, राज्य महिला आयोग सदस्य पुष्पा पांडे ने विचार रखे।।

बरेली से कपिल यादव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *