बरेली/फतेहगंज पश्चिमी। बुधवार को कस्बे के रहने वाले कुख्यात स्मैक तस्कर सोनू कालिया के घर पर बुलडोजर चलाने के लिए बीडीए टीम पहुंची। हालांकि उसके घर तक बुलडोजर नही पहुंच सका। स्मैक तस्कर के घर पर बुलडोजर तंग गली होने की वजह से नही पहुंच सका। इसके बाद बीडीए टीम ने अवैध रूप से बने मकान पर जमकर हथोड़े बरसाए। मकान के ध्वस्तीकरण के लिए बीडीए की ओर से मजदूरों को भी लगाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि मकान के ध्वस्तीकरण के लिए आगे की रणनीति भी बनाई जा रही है। बुधवार को पीएसी, थाना पुलिस के साथ बीडीए की टीम कस्बा स्थित स्मैक तस्कर सोनू कालिया के घर पहुंची थी लेकिन घर इतनी संकरी गली मे था कि वहां तक बुलडोजर नही पहुंच सका। उसके बाद मजदूरों द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कराई गई। करीब चार घंटे तक मकान को ध्वस्त करने की कार्रवाई चली। इस दौरान सोनू की पत्नी टीम से भिड़ गई। जब महिला पुलिस ने एक्शन लिया तो गिड़गिड़ाने लगी और अधिकारियों पर रुपये मांगने के आरोप भी लगाती रही। हालांकि प्रशासन ने उसकी एक नही सुनी और मकान को तोड़ दिया। तस्कर के विरुद्ध मीरगंज व फतेहगंज पश्चिमी थाने मे एनडीपीएस के कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी है।तस्कर लंबे समय से फरार चल रहा है। बुलडोजर न पहुंचने पर अब बीडीए के अधिकारी कार्रवाई के लिए और विकल्पों की तलाश कर रहे है। आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले सोनू कालिया और सिपाही अमरदीप का एक ऑडियो वायरल हुआ था। ऑडियो में सिपाही अमरदीप द्वारा दस लाख रिश्वत मांगा गया था। मामले मे सिपाही अमरदीप जेल में बंद है। उस समय उसके विरुद्ध फतेहगंज पश्चिमी थाने मे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा मे भी मुकदमा दर्ज किया गया था। सोनू कालिया तब से फरार चल रहा है। सोनू कालिया पर एनडीपीएस के फतेहगंज पश्चिमी मीरगंज और दिल्ली में कई मुकदमे दर्ज है। पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान प्रभारी संजय सिंह, एसएसआई नरेंद्र सिंह, चौकी प्रभारी ललित कुमार, बीडीए की टीम में इंजीनियर अनिल व विजयपाल, जेई रमन अग्रवाल, हरीश चौधरी, अजय शर्मा, एसके सिंह व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव
