बरेली। सिटी मजिस्ट्रेट प्रकरण ने मंगलवार देर शाम और गंभीर मोड़ ले लिया। निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने खुद को हाउस अरेस्ट किए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एडीएम कंपाउंड को पूरी तरह ‘मिनी जेल’ में तब्दील कर दिया गया है और उन्हें बाहर निकलने की अनुमति नही दी जा रही है। एडीएम कंपाउंड के मुख्य गेट पर भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती कर दी गई है। गेट पूरी तरह बंद है और पुलिसकर्मी वहीं डेरा डाले हुए है। किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर सख्त रोक लगा दी गई है। मीडिया से बातचीत में अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि उन्हें किसी भी लिखित आदेश के बिना उनके सरकारी आवास तक सीमित कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘एडीएम कंपाउंड को मिनी जेल में बदल दिया गया है। मुझे बाहर नहीं जाने दिया जा रहा। यह खुला अन्याय और मेरे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। कंपाउंड के बाहर हथियारों से लैस पुलिसकर्मी तैनात हैं और आसपास आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, पूरे इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा कैमरे भी सक्रिय कर दिए गए हैं। समर्थकों का कहना है कि यह सीधा हाउस अरेस्ट है। हाउस अरेस्ट का स्टेटस किया पोस्टः सुरक्षा व्यवस्था सख्त होने के बीच मंगलवार शाम 7:48 बजे अलंकार ने व्हाट्सएप स्टेटस पोस्ट किया। इसमें उन्होंने खुद को एडीएम कंपाउंड में हाउस अरेस्ट बताया और लिखा कि केवल फोन के माध्यम से ही संवाद संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वह अनरीचेबल हो जाएं तो लोग संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत रिट दाखिल करें। स्टेटस में उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा को आगे आने की अपील करते हुए कहा कि उनके गायब होने की स्थिति मैं पीएमओ, गृह मंत्रालय के साथ-साथ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं को भी सूचना दी जाए। एक अन्य स्टेटस में उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को जैमर लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उन्हें बाहरी दुनिया से संपर्क से अलग किया जा सके। वही जिला प्रशासन की ओर से अलंकार अग्निहोत्री के हाउस अरेस्ट के आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है। प्रशासन का कहना है कि एडीएम कंपाउंड मे कई अधिकारियों के आवास है। ऐसे मे वहां की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह एहतियाती है और इसका उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। किसी भी तरह का अवैध प्रतिबंध नही लगाया गया है। बाहरी लोगों के परिसर मे प्रवेश को रोका गया है। अलंकार अग्निहोत्री पर किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। सोमवार से मंगलवार तक की समूची गतिविधियों पर शासन की लगातार नजर बनी रही। देर शाम शासन को दिन भर के घटनाक्रम से अवगत कराया गया। शासन स्तर से अधिकारियों को मामले का शीघ्र समाधान निकालने के निर्देश दिए गए है।
बरेली से कपिल यादव
