बरेली। स्मार्ट सिटी के तहत विकास के नाम पर नगर निगम और बीडीए द्वारा शहर के अंदर की जा रही हरे पेड़ों की कटाई को लेकर लोगों में आक्रोश है। एक तरफ कोरोना संक्रमण के दौरान जहां पूरा देश हरे पेड़ों से मिलने वाले ऑक्सीजन को लेकर परेशान था और बड़े पैमाने पर पौध रोपड़ किया गया। वहीं कोविड संक्रमण कमजोर होने पर विकास के नाम पर शहर के अंदर सैकड़ों की संख्या में अब हरे पेड़ों की कटाई से लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सपा नेताओं व सामाजिक संगठनों ने हरे पेड़ों की कटान को रोकने के लिए शहर के नावेल्टी चौराहा पर हस्ताक्षर अभियान चलाया। जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हस्ताक्षर कर अपना विरोध दर्ज कराया। सपा नेता मोंटी शुक्ला ने बताया कि इसके दुष्परिणाम आने वाले समय मे बरेली की आम जनता को दिखाई देंगे। पेड़ों के माध्यम से भूमि का कटाव तो रुकता ही है, साथ ही भूगर्भ जल सही रहने के साथ ही लोगों को भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन के साथ गर्मी से निजात दिलाने के लिए लोगों व पशुओं को पेड़ों की छांव भी मिलती है। पेड़ो के कटान को रोकने के लिए ही गुरुवार को शहर मे डीएम को संबोधित हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। जिसमे यह अपील की गई कि हरे पड़ों को न काटा जाए। इस अभियान के तहत शहर के पुराने रोडवेज पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ आम लोगों ने इस हस्ताक्षर अभियान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। पेड़ है तो जीवन है जैसे स्लोगन लोगों ने हस्ताक्षर अभियान के साथ लिख कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस अभियान के दौरान मुख्य रूप से जागर संस्था के डॉ. प्रदीप कुमार, सपा प्रवक्ता मयंक शुक्ला मोंटी, ज़ैनब फातिमा, लॉ स्टूडेंट्स प्रतीक शर्मा, वंश चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में अन्य लोग मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव
