बरेली। एक महीने से शांतिपूर्ण सत्याग्रह कर रहे किसान का सब्र रविवार को टूट गया। बड़ी संख्या में किसानों ने हाथ मे जलती मशालें लेकर प्रशासनिक अफसरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं मांगे जल्द पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है। गांधी उद्याग से आरंभ हुआ ये जुलूस कमिश्नर कार्यालय स्थित शहीद चौक पर संपन्न हुआ। किसान नेता विपिन पटेल ने कहा कि एक महीने से हम गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण सत्याग्रह कर रहे है लेकिन प्रशासन की संवेदनहीन चुप्पी और उदासीनता हमें मजबूर कर रही है कि हम अपनी आवाज और तेज करें। कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष दिनेश दद्दा ने कहा कि यह मशाल जुलूस न्याय की उस ज्वाला का संदेश है जो अन्याय को भस्म कर देगी। डॉ. हरीश गंगवार, जगदीश सरन, राज शर्मा समेत अन्य ने भी विचार व्यक्त किए। वही किसानों का आरोप है कि दो कंपनियों के निदेशकों ने सुनियोजित मिलीभगत से लगभग चार करोड़ रुपये की गेहूं-धान फसल-बीज जबरन लूट लिया। इस लूट से करीब 4000 छोटे-सीमांत किसान बर्बाद हो चुके हैं। उनकी मेहनत की कमाई छिन गई। परिवार भुखमरी के कगार पर हैं। किसान तत्काल एफआईआर, लूटी गई पूरी रकम की भरपाई और भविष्य में ऐसी कॉरपोरेट लूट पर स्थायी रोक की मांग कर रहे है। मशाल जुलूस मे प्रभात गिरी गोस्वामी, हरवीर सिंह बॉबी, देवेन्द्र प्रकश श्रीवास्तव, रमेश श्रीवास्तव, मुजम्मिल हुसैन, डॉ सरताज, महेंद्र पाल गंगवार, जीतेन्द्र जगदीश शरण, पूरन लाल बाबू, समेत अन्य मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव
