बरेली। चिटफंड कंपनी के जरिये लुभावने सपने दिखाकर हजारों निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले शातिर कन्हैया गुलाटी और राजेश मौर्य की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। बारादरी थाने से की गई इस कार्रवाई के बाद अब ये दोनों हिस्ट्रीशीटर अपराधी कहलाएंगे। मॉडल टाउन निवासी कन्हैया गुलाटी कैनविज ग्रुप ऑफ कंपनीज का एमडी है और इन दिनों फरार चल रहा है। लोगों को अच्छे मुनाफे और प्लॉट आदि लुभावने सपने दिखाकर यह कंपनी निवेशकों के करोड़ों रुपये लेकर कुछ महीने पहले फरार हो चुकी है। उनके खिलाफ यूपी, झारखंड और बिहार मे ठगी के 61 मुकदमे दर्ज है। इनमें कन्हैया गुलाटी के अलावा उसके परिवार के सदस्यों समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है। शिकायतों की बाढ़ आने पर एसएसपी अनुराग आर्य ने कन्हैया गुलाटी के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। पुलिस अब तक सौ से अधिक मामले दर्ज कर चुकी है। कन्हैया गुलाटी की हिस्ट्रीशीट को लेकर भी एसएसपी अनुराग आर्य ने बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय से पत्रावली तलब की थी। एसएसपी शुक्रवार की रात कन्हैया गुलाटी की बी क्लास की हिस्ट्रीशीट खोली है। वही चंद्रगुप्तपुरम निवासी राजेश मौर्य भी शातिर ठग है। उसने श्रीगंगा इंफ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से अपने परिवार के सदस्यों और एजेंट के जरिये ठगी का धंधा फैला रखा था। वर्ष 2018 में यह कंपनी निवेशकों के करीब 200 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गई। इसके बाद राजेश मौर्य समेत कई लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया। जमानत के बाद वह कोर्ट से गैर हाजिर हो गया तो कुछ महीने पहले उसे दोबारा जेल भेज गया तब से वह बाहर नही आ सका है। उसके खिलाफ आठ मुकदमे दर्ज है। अब बारादरी पुलिस ने इन दोनों शातिर ठगों के खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोलने की कार्रवाई की है।।
बरेली से कपिल यादव
