बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं के पहले दिन ही बड़ी लापरवाही सामने आई है। बीएससी तीसरे सेमेस्टर के भौतिक विज्ञान के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक थ्योरी एंड मॉडर्न ऑप्टिक्स के प्रश्नपत्र पर ही एक सवाल का उत्तर छाप दिया गया। प्रश्नपत्र देखकर विद्यार्थी भी हैरत में पड़ गए। विश्वविद्यालय ने मामले की जांच कराने की बात कही है। बीएससी तीसरे सेमेस्टर के भौतिक विज्ञान के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक थ्योरी एंड मॉडर्न ऑप्टिक्स की परीक्षा बुधवार को पूर्वाह्न 11:30 से दोपहर 1:30 बजे तक की पाली में हुई। परीक्षा कक्ष में पहुंचे परीक्षार्थियों ने जब प्रश्नपत्र देखा तो लघु उत्तरीय प्रश्न (खंड-अ) के प्रश्न संख्या-एक (एफ) का जवाब प्रश्नपत्र पर ही छपा मिला। कई परीक्षार्थियों ने इस बारे में कक्ष निरीक्षक, केंद्र प्रभारी सहित अन्य को जानकारी दी। विश्वविद्यालय को सूचना देने के बाद परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए कह दिया गया। परीक्षा छूटने के कुछ देर बाद ही प्रश्नपत्र के फोटो व पीडीएफ सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (नैक) की ओर से ए प्लस प्लस ग्रेड से नवाजे गए विश्वविद्यालय की इस लापरवाही से सवाल उठ रहे हैं। परीक्षार्थियों ने इसे गंभीर चूक बताया। परीक्षा देकर केंद्रों से बाहर आए विद्यार्थी एक-दूसरे से प्रश्नपत्र रद्द होने या प्रश्न के दो अंक सभी विद्यार्थियों को मिलने को लेकर चर्चा करते दिखे। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह ने इसे बड़ी लापरवाही बताते हुए जांच कराने की बात कही। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के सभी प्रश्नपत्रों के लिए संबंधित विषयों के तीन शिक्षकों को प्रश्न पत्र सुधार समिति का सदस्य बनाया जाता है। यह तीन सदस्यीय समिति प्रश्नपत्र की जांच करती है। प्रश्नपत्र पर ही हल छपने को लेकर प्रथमदृष्टया इस समिति को ही जिम्मेदार माना जा रहा है। हालांकि, प्रश्नपत्र तैयार होने के बाद प्रिंट होकर परीक्षार्थियों तक पहुंचने से पहले किसी ने इसकी सही से जांच क्यों नहीं की? यह भी बड़ा सवाल है।।
बरेली से कपिल यादव
