बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की फर्जी वेबसाइट के जरिये स्टूडेंट वीजा के जरिये फर्जी दस्तावेजों पर विदेश भेजने में फर्जीवाड़ा चल रहा था। बारादरी पुलिस ने शनिवार देर रात गिरफ्तार किए गए आईटी इंजीनियर को रविवार को जेल भेज दिया। रामपुर निवासी उसके एक अन्य साथी की तलाश हो रही है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की वास्तविक वेबसाइट www.mjpru.ac.in की तरह ही www.mjpru.org.in नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर उसका दुरुपयोग किया जा रहा था। मामला संज्ञान में आने पर विश्वविद्यालय के वेबसाइट कोऑर्डिनेटर डॉ. अख्तर हुसैन ने इस मामले में थाना बारादरी में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसकी जांच साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर नीरज सिंह को सौंपी गई। उनकी जांच में सामने आया कि फर्जी बेवसाइटस के लिए होस्टिंगर कंपनी ने उत्तराखंड में ऊधमसिंह नगर के थाना रुद्रपुर में संजयनगर खेड़ा निवासी सुजय राय ने डोमेन रजिस्टर कराया है। इस आईडी का उपयोग सुजय राय और उसका साथी रामपुर के गांव कनकपुर खजुरिया निवासी धर्मेन्द्र कुमार कर रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश मे लग गई और इसी बीच शनिवार देर रात दोनों के विश्वविद्यालय के पास होने की जानकारी मिली। इस पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर सुजय राय को दबोच लिया जबकि धर्मेंद्र फरार हो गया। पूछताछ मे सुजय राय ने बताया कि वह आईटी इंजीनियर है और बीटेक किया है। नौकरी मे मन नही लगा तो उसी दौरान धर्मेन्द्र कुमार से मुलाकात हो गई। दोनों ने मिलकर विश्वविद्यालय जैसी फर्जी बेवसाइट बना ली। इसके जरिये विदेश जाने के इच्छुक लोगों को स्टूडेन्ट वीजा बनवाने मे मदद करके वे लोग लाखों की कमाई करते थे। इसके लिए पहले वे लोग विश्वविद्यालय जैसी दिखने वाली फर्जी मार्कशीट एवं डिग्री तैयार करते हैं और फिर स्टूडेन्ट वीजा के लिए आवेदन करते समय एबेंसी में सत्यापन के लिए विश्वविद्यालय की बेवसाइट की जगह अपनी फर्जी बेवसाइट का यूआरएल दे देते थे। ऐसे में जब एबेंसी से सत्यापन भी उनकी वेबसाइट से हो जाता था।।
बरेली से कपिल यादव
