बरेली/सिरौली। नगर में स्थित मदरसा गुलिस्तान ए शाहजी में तकरीबन 30 साल बाद बहार लोट आई है बता दें अब से लगभग 53 साल पहले करी नज़ीर अहमद शेरी ने इस मदरसे को आबाद किया इतना ही नहीं बल्कि सिरौली के आसपास के इलाकों के बच्चों को दीने इस्लाम की तालिम दे कर इस्लाम फेलाया करी नज़ीर अहमद शेरी के इंतेकाल के बाद यह मदरसा बंद हो गया लोगों ने मदरसा दोबारा आबाद करने की बहुत कोशिशें की लेकिन कामयाबी हासिल ना हो सकी फिलहाल मोहल्ला मुगलान के फरीद खां ने मदरसे को आबाद करने के लिए हाफिज रहमत अली और सिरौली के लोगों का सहारा लिया जिसके बाद इस मदरसे को 30 साल बाद 6 हाफिज ए कुरान की दस्तारबन्दी से कामयाबी हासिल हुई कल बाद नमाज ए इशा जल्से का प्रोग्राम हुआ जिसमें मौलाना अहसान, मौलाना तौसीफ राज़ मिस्बाही सम्भली ने हाफिज ए कुरान की अहमियत, कुरान की शान, आला हजरत शाहजी मियां की दोस्ती और मोहम्मद मुस्तफा साहब की ज़िंदगी पर रोशनी डालते हुए कुरान की अजमत बयान की, बरेली के नातख्वां राशीद रज़ा मरकजी ने अलग अलग नातख्वांओं की आवाज में नातों मनकबत गुनगुना कर जल्से में माहौल बना दिया नारे तकबीर अल्लाह हु अकबर के नारों से महफ़िल गूंज उठी, नातखां व मौलाना पर नोटों की वारिस होती रही देर रात आला हजरत के सलाम मुस्तफा जाने रहमत व करी नज़ीर अहमद शेरी के लिखें सलाम शाहे बत्हा की सितबत के साथ दस्तारबंदी हुई दुआओं के बाद लोगों सभी फारिग तलवा व हाफीज़ रहमत अली को मुबारकबाद और तोहफे पेश किए।
संवाददाता अदनान खान
