बरेली। गुरुवार को बीडीए ने बिचपुरी इलाके मे बने अवैध मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। मकान तोड़ने को जैसे ही जेसीबी बिचपुरी मे पहुंची तो वहां के लोगों ने हंगामा काटना शुरू कर दिया। जमकर बीडीए की टीम का विरोध किया। कोई जेसीबी के आगे खड़ा हो गया तो कोई अपने बच्चों को लेकर छत पर चढ़ गया। मगर बीडीए की टीम ने किसी की भी नही सुनी और करीब 6 से 7 मकानों को जमीजोद कर दिया। जेसीबी ने जब मकानों को तोड़ना शुरू किया तो लोग विरोध के बाद बीडीए से मकान को छोड़ने की गुहार लगाते रहे। मगर इसके बाद भी टीम ने सख्त रूख दिखाया तो लोग दो दिनों का समय देने की मिन्नते करने लगे। मकान के दरवाजे पर खड़े होकर महिलाएं और बच्चे हाथ जोड़कर गिड़गिडाते रहे। उनका कहना था कि साहब बस दो दिनो का समय दे दो। जिससे वह अपना मकान खाली कर सके। मगर टीम ने उन्हें मोहलत नहीं दी। लोगों को जब लगा कि बीडीए की टीम अब किसी की भी नही सुनेगी तो कई परिवारों की महिलाएं अपने बच्चों के लेकर मकानों की छत पर चढ़ गई। उधर दूसरी ओर गांव के कई लोग चिन्हित मकानों में घुस गए। उनका कहना था कि अगर मकान गिराना है तो उन्हें भी उसी मकान में दफन करना होगा। बमुश्किल फोर्स ने उन्हें समझाया और आगे की कार्रवाई पूरी कराई। जिसके बाद टीम ने मकानों को तोड़ना शुरु किया। जैसे-जैसे बीडीए की कार्रवाई आगे बढ़ रही थी। वैसे-वैसे लोग बीडीए वीसी और सचिव को गालियों के साथ बद्दुआएं दे रहे थे। एक बुर्जुग ने तो यहां तक कह दिया कि उन्होंने बीडीए सचिव को दूध पिलाया, खाना खिलाया। उन्होंने उसका का भी मान नहीं रखा। अपना मौका पड़ा तो उन्होंने हम लोगों को एक झटके में बेघर कर दिया। आरोप लगाया कि जब बीडीए सचिव उनके पास आए थे उन्होंने अपने बेटे की कसम खाकर यह कहा था कि वह किसी का भी मकान नही टूटने देंगे। जिसके बाद लोगों ने उन्हें बद्दुआएं देना शुरू कर दिया। विरोध यहां तक पहुंच गया कि जब जेसीबी एक और मकान को तोड़ने के लिए आगे बड़ी तो दो युवतियां जेसीबी के आगे खड़ी हो गई। बोली अगर अब दम है तो तोड़कर दिखाओ। उन्होनें कहा कि अगर दीवार गिरानी है तो उसमें उन्हें दबाना पड़ेगा। काफी समझाने के बाद भी युवतियां हटने को तैयार नहीं थी। बाद में महिला पुलिस फोर्स ने हड़कार उन्हें वहां से हटाया। लोगों के विरोध को देखते ही कार्रवाई शुरू करने से पहले ही बिचपुरी में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। एक दो नहीं बल्कि कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद थी। बीडीए वीसी जोगेंद्र सिंह ने बताया कि बिचपुरी मे करीब 600 मकानों को चिन्हित किया गया है। जिसमें से कुछ मकानों को तोड़ा जाना है बाकी के मकानों को रेग्यूलाइज किया जाएगा। ऐसे में बीडीए इन लोगों को दूसरी जगहों पर भी मकान या फ्लैट देने को तैयार है। इसके लिए कई प्लॉट पहले से ही छोड़े हुए है। मकानों को तुड़वाकर उन्होंने करीब 27 करोड़ रूपए की जमीन खाली कराई है। अब यह जमीन उन लोगों को सौंप दी जाएगी। जिन्होंने बीडीए से करीब 15-16 साल पहले खरीदी थी। बीडीए वीसी का कहना है कि यह सभी मकान अवैध रूप से बने हुए थे। इसलिए इन्हें तोड़ा गया। पहले भी इन सभी को नोटिस जारी किया गया मगर किसी पर कोई असर नहीं हुआ था।।
बरेली से कपिल यादव
