बरेली। क्राइम ब्रांच और बिथरी चैनपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने फर्जी फर्म और कूटरचित दस्तावेज के सहारे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की चपत लगाने वाले गिरोह के मुख्य साजिशकर्ता मेरठ के योगेश शर्मा को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। योगेश पर लगभग 20 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का फर्जी दावा करने का आरोप है। जांच में पता चला है कि गिरोह खाली ट्रकों और नकली कागजों के सहारे माल की सप्लाई दिखाता था लेकिन वास्तविक लेनदेन कही नही होता था। उसके मोबाइल की जांचकर रही है, जिससेइस नेटवर्क अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया जा सके। पिछले दिनों पुलिस ने इस गिरोह के एक सदस्य बीसलपुर रोड स्थित मेघा मेंशन निवासी गौरव अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। पुलिस की पूछताछ में गौरव ने बताया था कि मेरठ के छजुपुरा मोहिद्दीनपुर गांव निवासी गिरोह के सरगना योगेश शर्मा के साथ मिलकर उसने ‘श्री श्याम ट्रेडर्स’ के नाम से एक बोगस फर्म बनाई थी। इस फर्म का विभाग में जीएसटी पंजीकरण कराकर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिये बड़े पैमाने पर जीएसटी फ्रॉड किया गया। जीएसटी विभाग की जांच मे करीब 14 करोड़ रुपये की कर चोरी सामने आई। राज्यकर अधिकारी अविनाशदीक्षितकी ओर से बिथरी चैनपुर थाने मे मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और बिथरी चैनपुर पुलिस की संयुक्त टीमें आरोपी की गिरफ्तारी में लगी हुई थीं। एएसपी क्राइम के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर योगेश शर्मा को गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित डीपी सवाना अपार्टमेंट के गेट के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि विवेचना के दौरान जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल डेटा और हवाला इनपुट की जांच के आधार पर सामने आया है कि यह गिरोह कई जिलों और राज्यों में फर्जी कंपनियों के माध्यम से जीएसटी में भारी धोखाधड़ी कर रहा था। इसके नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे सिंडीकेट की गहराई तक पहुंच बनाई जा रही है। आरोपी के अन्य सहयोगियों की पहचान के लिए टीमें दबिश दे रही हैं। जांच एजेंसियों का लक्ष्य ऐसे संगठित आर्थिक अपराधों को जड़ से खत्म करना है और ऐसे नेटवकों को तोड़ना है जो जीएसटी प्रणाली का दुरुपयोग कर सरकार को नुकसान पहुंचाते है।।
बरेली से कपिल यादव
