बिशारतगंज, बरेली। जनपद के थाना विशारतगंज क्षेत्र के मोहम्मदगंज गांव के घर मे सामूहिक नमाज पढ़ने को लेकर माहौल गरम हो गया। यहां हिन्दू समुदाय ने घर के बाहर नमाज के विरोध मे गांव से पलायन की चेतावनी देते हुए घर के बाहर मकान बिकाऊ है लिखवा दिया। यह वात सोशल मीडिया पर ऐसी वायरल हुई कि प्रशासन सकते मे आ गया। मौके पर एसडीएम आंवला विदुषी सिंह और सीओ नितिन कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया है। गांव मे पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। गांव मे 16 जनवरी को एक घर मे सामूहिक नमाज पढ़ी गई थी। दूसरे पक्ष के विरोध पर पहुंची पुलिस ने मस्जिद मे ही नमाज अदा करने के निर्देश दिए और 12 लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई की। इसके बाद समुदाय विशेष के लोगों की ओर से तारिक खान ने हाईकोर्ट मे याचिका लगाई। जिसमें सुनवाई के लिए 11 मार्च की तारीख नियत है। इसके बावजूद समुदाय विशेष के लोगों ने शनिवार को वहां दोबारा सामूहिक नमाज पढ़ते हुए अफवाह फैला दी कि हाईकोर्ट ने उन्हें नमाज पढ़ने की अनुमति दे दी है। खुशी जताते हुए उन्होंने आतिशबाजी भी की। पुलिस का कहना है कि ग्राम पंचायत चुनाव के माहौल के चलते ही हाईकोर्ट मे नमाज पढ़ने की अनुमति संबंधी याचिका दायर की गई। वही दूसरे पक्ष के लोगों को भड़काकर सोमवार को कुछ मकानों पर बिकाऊ होने की इश्तिहार लिखवाया गया और इस प्रकरण के चलते पलायन की खबर सोशल मीडिया मे वायरल करा दी। इससे पुलिस-प्रशासन मे हड़कंप मच गया। एसडीएम विदुषी सिंह, सीओ नितिन कुमार, तहसीलदार बृजेश कुमार वर्मा और एसओ बिशारतगंज सतीश कुमार फोर्स के साथ गांव में पहुंच गए। सोशल मीडिया पर यह मामला तूल पकड़ने पर पुलिस-प्रशासन के अफसर गांव पहुंचे। पुलिस ने लोगों को समझाकर मकानों पर बिकाऊ होने संबंधी इश्तिहार को मिटवा दिया। इसके बाद अफसरों ने दोनों पक्ष के लोगों को अलग-अलग बैठाकर वार्ता की। अफसरों ने हाईकोर्ट का आदेश आने तक गांव मे किसी भी तरह की नई परंपरा न डालने की हिदायत दी। अफसरों ने स्पष्ट शब्दों मे कहा कि अगर गांव का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई तो कड़ी कार्रवाई होगी। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। अफसर भी गांव में हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।।
बरेली से कपिल यादव
