बरेली। बरेली बार एसोसिएशन के अधिवक्ता शंकर कुमार सक्सेना, आंगन सिंह, संजय कुमार वर्मा अध्यक्ष व सचिव के खिलाफ 27 मार्च से धरना प्रदर्शन जारी है। वही बरेली बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी प्रदर्शन मे नजर आए। उन्होंने बताया कि कितनी धनराशि किस व्यक्ति को कब दी गई। इसका कोई प्रस्ताव कार्यकारिणी द्वारा पास भी नही करवाया जाता है। वकालतनामा 40 दिखाए जा रहे है जबकि रोजाना 400 की बिक्री हो रही है। अब तक बरेली बार के 300 से ज्यादा अधिवक्ताओं ने इस आंदोलन मे अपना समर्थन दिया है। अधिवक्ता वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि पहले कभी ऐसा कभी नही हुआ कि सचिव के खिलाफ अदालत ने रिकॉर्ड की जांच के लिए कमीशन जारी कर दिया। अधिवक्ताओं की प्रमुख मांगे हैं कि बरेली बार एसोसिएशन को बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से संबंधित करवाया जाए ताकि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से मिलने वाली तमाम योजनाओं का लाभ मिल सके। इसके साथ ही खाली पड़े सभी चैंबरों को आवंटन, बरेली बार का कार्यकाल एक वर्ष का हो, बार में हो रहे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने व बरेली बार को बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से तत्काल संबंधित करवाए। अधिवक्ता शंकर कुमार सक्सेना ने बताया कि हमारी मांगों को लेकर मौजूदा कार्यकारिणी की तरफ से कोई कदम नही उठाया गया है। जिस कारण हमने आंदोलित होना पड़ रहा है। इस मौके पर समस्त अधिवक्ताओं ने उनका समर्थन किया भूपेंद्र मोहन सहाय, मनोज चौहान, इंद्र जीत, मधु भारती, विवेक चौधरी, लोकनाथ सिंह, तस्लीम, विजय कुमार, कुशल प्रताप एडवोकेट व अन्य सम्मानित अधिवक्ता मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव