बाजारों से रूखसत होने वाली है दो हजार की गुलाबी रंगत

बाड़मेर/राजस्थान- कल परसों ही शाम के समय रेडियो पर पुराने फिल्मों के गाने चल रहे थे और हम भी अपनी बेसुरे राग में उसके साथ ही शानदार स्वरों में गाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मजूर था गाने के बोल थे झूमका गिरा रे बरेली की बाजार में और कल शाम को सुनने में मिला गुलाबी रंग का दौ हजार रुपये की नोट हो रही है बन्द, सुनकर एक बार सर चकराया जरूर लेकिन समयावधि मिलने की बात सुनकर मन ही मन मुस्कुरा कर देश के लिए कोई बेहतरीन कदम उठाने में भारतीय मुद्रा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है शायद और कोई धमाकेदार खबर आपको भी भविष्य में मिलने पर चौकन्ना न हो l

सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक अगर किसी चीज से हमारा जीवनचक्र चलता है तो वह है सिर्फ और सिर्फ रूपये पैसा… बिना रूपये पैसे के जीवन चलना बहुत मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन भी है। हमें बाजार में कुछ खरीदना हो, कहीं आने-जाने के लिए किराया भाड़ा देना हो या फिर कोई भी काम करना है, रुपया सबसे अहम चीज है। आपने अक्सर देखा होगा कि कई बार नोट हमसे भीग जाते हैं, इसके बाद भी वह खराब नहीं होते और हम उन्हें फिर से अपनी जरूरतों के अनुसार इस्तेमाल कर पाते हैं।

हममें से कई लोगों को यह नहीं पता होगा कि नोट बनाने में रत्ती भर कागज का इस्तेमाल नहीं होता है। ज्यादातर लोगों को लगता है कि नोट कागज से बनता है, तो हम आपको बता दें कि आपकी जानकारी बिल्कुल गलत है। नोट बनाने के लिए कागज का नहीं बल्कि कपास का इस्तेमाल किया जाता है‌ दरअसल, कागज का इस्तेमाल करने से नोट लंबे समय तक नहीं चलेंगे और जल्दी ही कट फट जाएंगे लेकिन कपास का इस्तेमाल करने से यह काफी लंबे समय तक बाजारों में चलते हैं, इस कारण नोट बनाने में सौ प्रतिशत कपास का ही इस्तेमाल किया जाता है।

इसके अलावा कागज के नोट की तुलना में कपास के नोट ज्यादा टिकाऊ और मजबूत होते हैं. ना सिर्फ भारत में बल्कि दुनियाभर के कई देशों में नोट बनाने के लिए कपास का ही इस्तेमाल होता है। बता दें कि कपास के रेशे में लेनिन नाम का एक फाइबर होता है। जब नोट बनाया जाता है तो कपास के अलावा आधेसिवेस सोलुशन तथा गैटलिन का इस्तेमाल किया जाता है और इस कारण नोटों की उम्र लंबी होती है।

क्या आप जानते हैं कि हमारे देश में नोट जारी का करने का अधिकार सिर्फ और सिर्फ भारतीय रिजर्व बैंक के पास है। उसे यह अधिकार अधिनियम की धारा 22 के तहत मिला हुआ है। भारत में बनने वाले नोटों में हाइ सिक्योरिटी फीचर दिए जाते हैं और यह जालसाजी और नकली नोटों पर लगाम लगाने के लिए ये सिक्योरिटी फीचर बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इसी कारण समय-समय पर हमारे देश में भारतीय नोटों में बदलाव होता रहता है।

फोटो साभार — सोशलमीडिया पर वायरल

– राजस्थान से राजूचारण

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