बरेली। जनपद मे बड़े स्तर पर सरसों के तेल में मिलावट हो रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि आयुक्त तक शिकायतें पहुंच रही है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षत गोयल ने इसकी पुष्टि की है। बरेली मे पूर्व मे सरसों के तेल में पॉम ऑयल की मिलावट होने की पुष्टि हो चुकी है। सर्दी में कई कारोबारी राइस ब्रान ऑयल मंगाकर सरसों के तेल में मिला रहे है। इसमें कुछ सरसों तेल व कलर मिलाकर विभिन्न ब्रांडों के नाम से बाजार में भेजा जा रहा है। एक माह में कई जगहों पर हुई छापेमारी में बड़े स्तर की मिलावट का शक है। सरसों के तेल की बरेली बड़ी मंडी है। बरेली जनपद की बात करे तो करीब 55 लाख की आबादी जिले की है। एक परिवार में यदि 3 सदस्य गिने जाएं तो जनपद में 687500 परिवार होंगे। एक परिवार में प्रतिदिन सौ ग्राम तेल की खपत का औसत है। इस तरह प्रतिदिन 68750 किलोग्राम सरसों तेल की खपत हो रही है, इतनी मात्रा में तेल की खपत के सापेक्ष सरसों तो बरेली व आसपास पैदा भी नही हो रही है। एफएसडीए के अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो साल में बरेली जनपद में तेल के कितने सैंपलिंग अनसेफ और सबस्टैंडर्ड आए थे, इसकी रिपोर्ट शासन ने मांगी थी। उसी रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद बरेली में तेल में मिलावट की आशंका पर छापेमारी की जा रही है। शहर के माधोबाड़ी में तेल की पुरानी कई फैक्ट्रियां हैं, पिछले दिनों यहां से खुला तेल बिक्री के लिए बिना लिखा-पढ़त के दूसरे ठिकाने पर ई-रिक्शा से पहुंचाया जा रहा था, उसे जब्त किया गया था। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षत गोयल ने बताया कि ब्रह्मपुरा नई बस्ती से लाए जा रहे खुले तेल के नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी आई नही है। यह मालूम किया जा रहा है कि खुला तेल कहां-कहां बेचा जा रहा है।।
बरेली से कपिल यादव
