फुले का संघर्ष महिलाओं को देता है आत्मसम्मान की दिशा- शिवचरन

बरेली। सावित्रीबाई फुले की जयंती पर सपा के जिला कार्यालय पर विचार गोष्ठी हुई। जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने कहा कि सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका थीं, जिन्होंने विषम परिस्थितियों में भी महिलाओं और वंचित समाज को शिक्षा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया। कहा कि आज जब सत्ता में बैठे लोग इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं, ऐसे समय में उनका संघर्ष महिलाओं को नई दिशा और आत्मसम्मान की प्रेरणा देता है। अम्बेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेंद्र सोनकर ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा को हथियार बनाकर सामाजिक भेदभाव और जातिगत अन्याय को खुली चुनौती दी। भाजपा सरकार में सामाजिक न्याय के संवैधानिक मूल्यों पर लगातार हमला हो रहा है। महिला सभा की जिलाध्यक्ष स्मिता यादव ने कहा कि सावित्रीबाई फुले महिलाओं के आत्मसम्मान और अधिकारों की प्रतीक है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी जमीन पर महिलाओं को बराबरी और अधिकार दिलाने की लड़ाई लड़ रही है। जिला उपाध्यक्ष रविन्द्र सिंह यादव, जिला कोषाध्यक्ष अशोक यादव, जितेन्द्र मुंडे, राम सेवक प्रजापति, संजीव कश्यप, संजय कुमार, मोहित कश्यप आदि मौजूद रहे।।

बरेली से कपिल यादव

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