बरेली। मंगलवार को विकास भवन सभागार में प्रधानों को ठोस और तरल अपशिष्ट के प्रबंधन का तरीका समझाया गया। मंगलवार को चार दिवसीय वर्कशॉप की शुरुआत हुई। कार्यशाला मे सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग ने कहा कि ओडीएफ मे शौचालय निर्माण के बाद ग्रामीणों को कूड़े के सही निपटान का तरीका भी सिखाना है। कूड़ा प्रबंधन के तहत गलने वाले और न गलने वाले कूड़े को अलग करना होगा। उसके बाद कूड़े का निस्तारण किया जाएगा। एक्सपर्ट ने गांव मे कूड़े के प्रबंधन की बारीकियां बताई। प्लास्टिक के लिए गांव-गांव कलेक्शन सेंटर बनाने को कहा। साथ ही गांव की सड़कों से गोबर और दूसरे कूड़े को उठाकर कंपोस्ट पिट मे डालने की व्यवस्था करने का तरीका समझाया कंपोस्ट खाद को बेचकर ग्राम पंचायत अपनी आमदनी बढ़ा सकेगी। ब्लॉक स्तर पर प्लास्टिक के क्रिस्टल तैयार करने की यूनिट लगाई जाएगी। पंचायती राज विभाग प्लास्टिक का क्रिस्टल पीडब्ल्यूडी को बेचेगा। पीडब्ल्यूडी सड़क बनाने में प्लास्टिक के क्रिस्टल का इस्तेमाल करेगा। वर्कशॉप में डीपीआरओ, बीडीओ, एडीओ पंचायत, पंचायत सेक्रेटरी और प्रधान मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव
