बरेली/फतेहगंज पश्चिमी। परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद की जयंती शुक्रवार को मनाई गई। जयंती पर याद करते हुए एडवोकेट इमरान अंसारी ने कहा कि एक जुलाई 1933 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद के ग्राम धामुपुर मे जन्मे वीर अब्दुल हमीद की शहादत को हर कोई जानता है। बचपन पिता के साथ काम मे हाथ बंटाकर गुजरा। 20 वर्ष की आयु में फौज में भर्ती हुए। तीन वर्षों के बाद 12 मार्च 1962 को हवलदार फिर सेना नायक बने। पाकिस्तान के साथ 1965 की जंग में अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अमरीकी पैटन टैंकों को नष्ट कर अपने प्राणों को देश के लिए न्योछावर कर दिए थे। उनकी शहादत को देश के लोग याद करते है युवा पीढ़ी को इनसे शिक्षा लेनी चाहिए। परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद की जयंती पर प्रेमपाल गंगवार, अमान अजहरी, सरदार अंसारी, मोहम्मद असद, फैजुल अंसारी, मयंक सिंह, आकिब सकलैनी आदि लोगों ने उनको याद किया। इसके साथ ही युवा पीढ़ी से वीर अब्दुल हमीद के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की।।
बरेली से कपिल यादव
