बरेली। सात लाख रुपये रिश्वत लेकर दो स्मैक तस्करों को छोड़ देने के संगीन इल्ज़ाम में निलंबित हो चुके फरीदपुर कोतवाल रामसेवक के खिलाफ सरकारी पिस्टल और कारतूसों की मैगजीन चोरी का एक और मुकदमा फरीदपुर कोतवाली मे दर्ज कराया गया है। फरीदपुर थाने के हेडमोहर्रिर राम बहादुर ने सरकारी गबन का मुकदमा दर्ज कराया है। फरीदपुर पुलिस ने 21 अगस्त की रात नवदिया अशोक गांव के स्मैक तस्कर आलम, नियाज अहमद व अशनूर को गिरफ्तार किया था। फरीदपुर थाने के इंस्पेक्टर रामसेवक ने तस्करों को छोड़ने के लिए 15 लाख रुपये की मांग की। सात लाख रुपये लेकर आलम व नियाज अहमद को छोड़ दिया। हिरासत में लिए गए आरोपियों के पास से पुलिस ने स्मैक भी बरामद की। मामले में एसपी दक्षिणी मानुष पारीक व सीओ फरीदपुर गौरव सिंह ने इंस्पेक्टर के आवास पर छापा मारा तो वहां से 9,85000 रुपये बरामद हुए। इंस्पेक्टर रामसेवक सरकारी पिस्टल, 10 कारतूस व मैगजीन लेकर मौके से फरार हो गया। सीओ गौरव सिंह ने फरार इंस्पेक्टर के खिलाफ रिश्वत लेने के मामले में 22 अगस्त को बीएनएस व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। फरार चल रहे इंस्पेक्टर रामसेवक के खिलाफ फरीदपुर थाने में दूसरा मुकदमा भी दर्ज किया गया है। यह मुकदमा थाने के हेडमोहर्रिर राम बहादुर सिंह ने कराया। जिसमें उन्होंने बताया कि फरीदपुर थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक रामसेवक को ट्रांसफर पर आने के बाद 24 नवंबर 2023 को तत्कालीन हेड मोहर्रिर रिजवान ने सरकारी पिस्टल, 10 कारतूस व मैगजीन आत्मसुरक्षा के लिए दी थी। रिश्वत लेने के मामले की शिकायत के बाद इंस्पेक्टर सरकारी पिस्टल, कारतूस व मैगजीन लेकर फरार हो गया। वही इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही है।।
बरेली से कपिल यादव