नफीस के बेटों की मुकदमे के बाद खुली फाइल, दोबारा होगी विवेचना

बरेली। बरेली बवाल मे फंसे आईएससी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के करीबी नफीस खां की मुश्किलें लगातार बढ़ रही है। पिछले साल उसके बेटों के खिलाफ वक्फ संपत्ति कब्जा करने के आरोप में दर्ज कराई रिपोर्ट में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। मगर पीड़िता को रिपोर्ट पर इस मामले मे दोबारा विवेचना शुरू हो गई है। पिछले साल 24 अप्रैल को मलूकपुर मे रहने वाली साजदा अख्तर ने कोतवाली मे कटघर के तस्लीम मियां, मलकूपुर के वासिफ यार खां, शहजाद और डॉ. नफीस के बेटे मलूकपुर निवासी नौमान खां च फरहान खां के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी। सागदा का कहना था कि वक्फ संख्या 96 उनका खानदानी वक्फ है। मगर आरोपियों ने षडयंत्र के तहत आठ सितंबर 2022 को लखनऊ वक्फ बोर्ड में झूठा प्रार्थना दिया कि उनके वक्फ के खानदान का कोई व्यक्ति जीवित नही है और अपनी कमेटी बनवाई। साजदा ने इस बारे में वक्फ बोर्ड को जानकारी दी तो उन्हें मुतवल्ली बना दिया गया। मगर तस्लीम मियां ने वक्फ को नुकसान पहुं‌चाने के लिए 24 अप्रैल 2023 में फर्जी नोटरी के जरिये नोमान खां व फरहान खां के हक मे फर्जी किरायानामा बनवा लिया। विरोध पर गालीगलौज कर उन्हें धमकाया और जान से मारने की धमकी दी। इस पर उन्होंने कोर्ट के आदेश पर कोतवाली मे रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मगर पुलिस ने इसमें फाइनल रिपोर्ट लगा दी।।

बरेली से कपिल यादव

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