बरेली। नगर निगम के कर विभाग की बैठक अध्यक्षता मेयर डॉ. उमेश गौतम ने की। इसमें करदाताओं से जुड़े अनेक मुद्दों पर चर्चा की गई और कई निर्णय लिए गए। अब म्यूटेशन से संबंधित मामलों का निस्तारण 45 दिनों के भीतर किया जाएगा जबकि बिल संशोधन 30 दिन मे हो सकेगा। शुक्रवार को मेयर कार्यालय मे आयोजित बैठक मे वरिष्ठ पार्षद राजेश अग्रवाल ने करदाताओं की समस्याओं और विभागीय स्तर पर ही रही टालमटोल को प्रमुखता से उठाया। मेयर ने कर विभाग के अफसरों से शिकायतों के निस्तारणको लेकर रिपोर्ट मांगी। म्यूटेशन के नाम पर करदाताओं को सालों तक नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ते थे। निर्णय लिया गया कि जिन्होंने दो वर्ष पूर्व जीआईएस के अंतर्गत स्वकर फॉर्म भरे है। उनके भवनों की दोबारा नापजोख नही की जाएगी। बैठक मे नगर आयुक्त संजीव मौर्य, सर्वेश रस्तोगी, मुकेश सिंघल, सलीम पटवारी मौजूद रहे। पार्षद कपिल कांत, जयप्रकाश ने सोशल मीडिया पर बैठक की सूचना समय पर न देने पर नाराजगी जताई है। वही 2014 से गलत आ रहे गृहकर बिलों के संशोधन में देरी पर नाराजगी जताई गई। निर्णय हुआ कि सभी लंबित मामलों मे 30 दिन के अंदर बिल संशोधित किए जाएंगे। 100 वर्ग मीटर तक के स्वयं निवास भवनों को बिना जांच के छूट मिलेगी। पार्षद राजेश अग्रवाल ने निगम पर गृहकर मद में करोड़ों रुपये के बकाया का मुद्दा उठाया और बताया कि कर राशि कम, जबकि ब्याज अत्यधिक है। इस पर मेयर डॉ. उमेश गौतम ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्ववेदी को तत्काल वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।।
बरेली से कपिल यादव
