बरेली। धनतेरस के लिए बर्तन की खरीदारी को शुभ माना जाता है। जीएसटी कम होने से ग्राहकों के लिए शुभ के साथ लाभभी होने वाला है। धनतेरस पर बर्तन बाजार ग्राहकों की भीड़ की उम्मीद में तैयारी में जुटा है। बर्तन कारोबारियों ने इस पर धनतेरस के लिए बर्तनों की नई रेंज भी मंगाई है। बर्तनों पर पहले 12 प्रतिशत जीएसटी थी, लेकिन 22 सितंबर से बर्तनों पर जीएसटी 5 प्रतिशत कर दी गई, जिससे बर्तनों की खरीदारी पर लोगों को राहत मिली है। धनतेरस पर बर्तन कारोबारियों के साथ ही ग्राहकों को जीएसटी कम होने का सुखद अहसास होगा। बर्तन कारोबारियों को उम्मीद है कि इस पर धनतेरस पर अच्छी धनवर्षा होगी। बाजार में ग्राहक सिर्फ परंपरा निर्वहन के लिए ही नहीं आएंगे, बल्कि जरूरत के बड़े आइटम भी खरीदेंगे। सेहत के प्रति जागरूकता बढ़ने से ग्राहक एल्युमिनियम से होने वाले नुकसान से बचने के लिए तांबा, पीतल, स्टील और कांसा के पारंपरिक बर्तनों को ज्यादा पसंद करने लगे हैं। बाजार में मुरादाबाद के पीतल के डिजाइनर बर्तन मौजूद है। दुकानदारों ने बताया कि धनतेरस के लिए दुकानों पर सारा माल नई नई डिजाइनों का मौजूद है। ट्राईप्लाई वाले कुकर की ज्यादा डिमांड होने की उम्मीद है। ये कुकर तीन लेयर में बने होते हैं। इसमें अंदर बाहर स्टील और बीच मे एल्यूमीनियम की लेयर होती है। ट्राईप्लाई के कुकर में खाना जलता नही है और खाना अच्छी तरह से पक जाता है। स्टील के बर्तन 2 सौ रुपये से लेकर 850 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल रहे हैं। बर्तन कारोबारियों ने बताया कि छोटे बर्तन पीस के हिसाब से मिलते हैं जबकि बड़े बर्तन वजन के हिसाब से बिकते हैं। तांबा के बर्तन 8 सौ से एक हजार रुपये प्रति किलो की कीमत में बाजार में उपलब्ध हैं। वहीं पीतल के बर्तनों की रेंज 7 से 9 सौ रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मौजूद हैं। कांसा के बर्तन 11 सौ से 12 सौ किलो के हिसाब से मिल रहे है। दुकानों पर दिवाली पर गिफ्ट देने के लिए बर्तनों के गिफ्ट पैक भी तैयार है।।
बरेली से कपिल यादव
