बरेली। जिला अस्पताल परिसर मे महिला अस्पताल के पास एक भवन मे छोटे-छोटे दो कमरों में संचालित राजकीय अस्पताल मे शौचालय तक नही है जबकि यहां महिला कर्मचारी भी तैनात है। महिला मरीज भी दवा लेने के लिए आती है। इसके बावजूद जिम्मेदार इस समस्या का समाधान करा पाने मे नाकाम है। चिकित्सालय के एक कमरे मे अलमारी रखी है। दवाओं को भी इसी कमरे में स्टोर किया जाता है। उसी कमरे में डॉक्टर भी ओपीडी करते है। दूसरा कमरा फार्मासिस्ट का है, जहां से दवाओं का वितरण होता है। दोनों कमरे इतने छोटे हैं कि उसमें ठीक से कुर्सी, मेज भी नही पड़ पाती है तो मरीजों के बैठने की बात तो दूर की है। कमरों के बाहर थोड़ी जगह है, जहां मरीजों को खड़े होकर अपनी बारी आने का इंतजार करना होता है। चिकित्सालय में आए मरीजों ने बताया कि यहां शौचालय नही होने के साथ बैठने की भी व्यवस्था नही है। दवा लेने के लिए आओ तो घंटो तक खड़े रहना पड़ता है। यहां दवाएं तो सही मिलती है। लेकिन बैठने और शौचालय न होने की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। चिकित्सालय मे मौजूद डॉक्टर ने बताया कि कई जगह चिकित्सालय के लिए ऑप्शन देखे गए, लेकिन वो सारी जगह यहां जैसी स्थिति मे भी नही हैं। चिकित्साधिकारी डॉ. कल्पना चौहान ने बताया कि अस्पताल के पास खुद का भवन नही होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कम जगह होने की वजह से परेशानी होती है इसके लिए कोई और वैकल्पिक व्यवस्था नही होने की वजह से भी ये दिक्क्त हो रही हैं। कई बार एक साथ मरीजों के आने से ये समस्या और बढ़ जाती है।।
बरेली से कपिल यादव
