थिएटर फेस्ट के 12वे दिन भ्रष्ट्राचार पर प्रहार करते नाटक लाख की नाक का हुआ मंचन

बरेली। थिएटर अड्डा में रंगालय एकेडमी द्वारा आयोजित तृतीय 15 दिवसीय थिएटर फेस्ट के 12वे दिन समन्वय सांस्कृतिक समिति ने नाटक लाख की नाक प्रस्तुत किया।

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना द्वारा लिखित नाटक में दर्शाया कि किस तरह कुछ भ्रष्ट अधिकारी और मंत्री अपने स्वार्थ के चलते देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करते हैं। नाटक की कहानी एक मंत्री के इर्द-गिर्द घूमती है जिस पर राजा व रानी बहुत विश्वास करते हैं। वे राज्य की सुरक्षा के लिए तलवारों की खरीद का जिम्मा मंत्री को सौंपते हैं। मंत्री बढ़िया तलवारें न खरीद घटिया तलवारें मात्र उन्हीं लोगों से खरीदने का फैसला करता है जो उसे इस खरीद के बदले मोटी रिश्वत दें। इसी राज्य में एक लोहार दंपति बढ़िया तलवारें बनाते हैं लेकिन वे भ्रष्ट मंत्री उनसे तलवारें खरीदने से इन्कार कर देता हैं। आखिरकार लोहार दंपति भ्रष्ट मंत्री का राजा के सामने पर्दाफाश करने का फैसला करते हैं और वे इसमें कामयाब भी हो जाते है
नाटक में सोमाक्ष श्रीवास्तव – राजा समीक्षा नेगी – रानी
हिमांशू पांडे – लौहार
आकृति – लौहारिन प्रणव रावत – मंत्री
सूत्रधार
अंश यादव – सेनापति
आशीष रावत – चौबदार / बॉब / सूत्रधार
प्रज्ञा सक्सेना- लोहार का बेटी
कुलदीप सिंह नेगी – दूत
आन्या – सूत्रधार/दासी
कनक वैला – सूत्रधार/दासी
आरुषि रावत- सूत्रधार / पड़ोसन
निर्देशक – हिमानी थापा एवं शिखर बिष्ट
संगीत निर्देशक – हिमानी थापा
संगीत वादन – गौरव एवं मोहित
गायन – काम्या एवं कंचन
रूप सज्जा – अर्जुन कश्यप स्टेज सेट अप – गौरव सक्सेना रहे।

इससे पहले डॉ. नीरज अग्रवाल, डॉ. विनोद पागरानी, अनिल अग्रवाल, अमिता अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कल दिल्ली का शिवायु ड्रामेटिक ग्रुप नाटक मरणोपरांत प्रस्तुत करेगा।

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