बरेली। तीन सौ कोविड अस्पताल के अंदर तो सफाई के प्रबंध बेहतर है लेकिन परिसर के हालात को लेकर कोई गंभीर नही है। कोविड के अस्पताल परिसर में जगह जगह कचरे के ढेर लगे हुये है। इसके अलावा डाक्टरों के आवास के आसपास कचरे का ढेर लगा रहता है। यहां की स्थिति सुधारने के लिए आज तक किसी के द्वारा कोई पहल नहीं की गई है। कोविड अस्पताल में आउटसोसिंग कर्मियों को सफाई की जिम्मेदारी सौपी गई है। कर्मचारियों द्वारा पूरे अस्पताल में तीन बार झाडू लगाकर गंदगी की सफाई कराई जाती है। वार्डो की स्थिति तो अच्छी है लेकिन अस्पताल परिसर मे कूड़ा पड़ा हुआ है। इमरजेंसी के नजदीक ही नाली ओवरफ्लों है। झाड़ियों की सफाई नही कराई जाती। कोविड अस्पताल परिसर मे सफाई व्यवस्था बेहतर है लेकिन अस्पताल जनरेटर कक्ष के सामने हालात बदतर है। यहां खाली पड़े हिस्से को डलावघर बना दिया गया है। अस्पताल से रोजाना बड़ी मात्रा में कचरा फेका जाता है। यहां नालियों की सफाई नहीं करायें जाने से होने वाली दुर्गंध परेशानी का सबब बनी हुई हुई है। कर्मचारियों के विरोध के बावजूद यहां स्वच्छता को लेकर कोई पहल नहीं की गई है। सुपरवाइजर तरूण चौहान का कहना है कि कोविड अस्पताल की सफाई व्यवस्था के लिए 18 सफाई कर्मी तैनात थे। जिनमें से 8 कर्मियों को हटा दिया गया है अब 10 कर्मी ही अस्पताल की सफाई में लगे है। सफाई कर्मी कूड़े को एक जगह एकत्र कर देते है। अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर के सतीश चन्द्रा का कहना है कि अस्पताल परिसर व डाक्टरों के आवास के बाहर कूड़े लगे ढेर जल्द हटवा दिये जायेगे।।
बरेली से कपिल यादव
