बरेली। फतेहपुर मे लेखपाल की आत्महत्या के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर जिले भर के लेखपाल हड़ताल पर रहे। सदर तहसील में भी लेखपालों ने दिन भर धरना-प्रदर्शन किया। इसके चलते नामांतरण, खतौनी संशोधन जैसे काम ठप रहे। मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को देते हुए तहसील अध्यक्ष निर्दोष शर्मा ने कहा कि मुख्य आरोपी पीसीएस अधिकारी का नाम अज्ञात की जगह एफआईआर में दर्ज किया जाए। मृतक की माता को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को नौकरी के साथ ही एसआईआर की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की गई। तहसील मंत्री सौरभ सिंह चौहान ने कहा कि लेखपालों को मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान अपरिभाषित ड्यूटी के लिए प्रोत्साहन राशि के रूप में एक महीने के वेतन के बराबर मानदेय भुगतान के लिए सूचीबद्ध किया जाए। वही नवाबगंज में लेखपाल संघ ने मृतक लेखपाल के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और मामले में पीसीएस अधिकारी संजय कुमार सक्सेना का नाम जोड़ने की मांग उठाई। संघ के तहसील अध्यक्ष अजय गुप्ता के नेतृत्व में लेखपालों ने धरना देकर सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया। मंत्री योगेश कुमार, राजीव गुप्ता, रंजीत सिंह, अर्जुन सिंह, नारायण कुमार, प्रिंस गंगवार आदि लेखपाल मौजूद रहे। वही मीरगंज में लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने धरना प्रदर्शन किया। छह सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम आलोक कुमार को सौंपा। तहसील अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह, मंत्री गिरंद सिंह, पुष्पेंद्र पटेल, आदित्य कुमार, गौरव, दीपक, शैलेंद्र, प्रेमराज, प्रतिमा आर्य आदि लेखपाल मौजूद रहे। वही फरीदपुर में लेखपाल संघ ने सीएम को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम मल्लिका नैन को सौंपा। उन्होंने ने एसआईआर की तिथि बढ़ाये जाने की मांग की। पंकज यादव, ललित कुमार, शैलेंद्र प्रताप सिंह, विजेंद्र कुमार, अभय प्रताप सिंह लोकेश सागर, प्रीती रस्तोगी आदि मौजूद रहे। वही आंवला मे लेखपाल संघ की अगुवाई में लेखपालों ने तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार बृजेश कुमार वर्मा को सौंपा। इस दौरान तहसील अध्यक्ष प्रवेन्द्र सिंह, मंत्री पंकज सक्सेना आदि मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव
