बरेली। हिस्ट्रीशीटर बसपा नेता तौफीक प्रधान को पुलिस से उलझना भारी पड़ गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से तमंचा बरामद किया तो वह विवाद करके भागने की कोशिश करने लगा। मगर पुलिस ने बल प्रयोग कर उसे पकड़ लिया और जेल भेज दिया। पिछले दिनों पशुपति विहार कॉलोनी मे रहने वाले हिस्ट्रीशीटर बसपा नेता तौफीक प्रधान का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसमें वह बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय से बहस करते हुए उन्हें धमकाने की कोशिश कर रहा था। इस मामले मे उसके खिलाफ समाज के कुछ लोगों ने एसएसपी कार्यालय मे शिकायत की तो पुलिस जांच मे जुट गई। बुधवार दोपहर जगतपुर चौकी इंचार्ज कुशलपाल सिंह पशुविहार कॉलोनी मे भ्रमण कर रहे थे तो तौफीक प्रधान वहां बैठकर आग सेंक रहा था। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो वह अभद्रता करने लगा। तलाशी मे उसकी कमर मे लोड तमंचा मिला तो वह पुलिस टीम से विवाद कर वहां से भाग निकला। लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग कर उसे पकड़ लिया। इसके बाद आर्म्स एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। इस दौरान उसने पुलिस से अपनी गलती के लिए माफी मांगी और लगड़ाते हुए जेल गया। बसपा के पदाधिकारियों का कहना है कि वह पूर्व मे जिला उपाध्यक्ष था लेकिन अब सिर्फ पार्टी कार्यकर्ता है। यह भी जानकारी मे आया है कि वह अधिकारियों के फोटो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर करके लोगों पर दबाव बनाता था। इंस्पेक्टर बारादरी धनंजय पांडेय ने बताया कि तौफीक मूलरूप से थाना फतेहगंज पूर्वी के गांव नगरिया कलां के समदा इलाके का रहने वाला है जो पंखिया गिरोह के चोरों के लिए बदनाम है। थाना फतेहगंज पूर्वी में उसकी हिस्ट्रीशीट खुली हुई है और उसके खिलाफ नौ मुकदमे दर्ज है। इनमें से मारपीट, जानलेवा हमला, आर्म्स एक्ट के छह मुकदमे बरेली, बलवा, तोड़फोड़ व सार्वजनिक संपत्ति के दो मुकदमे बदायूं और एक बिजली चोरी का मुकदमा बरेली में दर्ज है।।
बरेली से कपिल यादव
