बरेली/फतेहगंज पश्चिमी। भाई पर हमले मे बंद आरोपी जीवनलाल की इलाज के दौरान जिला अस्पताल मे मौत हो गई। शुक्रवार शाम शव उनके घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। पत्नी नन्ही देवी ने इलाज में लापरवाही के कारण मौत होने का आरोप जेल कर्मचारियों पर लगाया है। पिछले एक साल से जानलेवा हमले मे सजा काट रहे कस्बा के मोहल्ला लोधीनगर निवासी जीवन लाल की हालत बिगड़ने पर जेल कर्मचारियों ने गुरुवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। रात में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना पर परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए थे। पत्नी नन्ही देवी ने बताया घरेलू बंटवारे को लेकर 2014 मे भाई लालाराम से झगड़ा हो गया था। झगड़ा के दौरान फायरिंग होने के कारण जीवनलाल के खिलाफ जानलेवा हमले में कार्रवाई की गई थी। एक साल पहले जीवनलाल को कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई थी। वे 16 माह से जेल मे बंद थे। दो दिन पहले वह मुलाकात करने गई थी। जीवन लाल ने उनको बताया उनकी तबीयत ठीक नही है। ठंड से बचने के लिए कंबल नही है। उनको इलाज के नाम पर सिर्फ एक गोली ही दी जा रही थी।।
बरेली से कपिल यादव
