बरेली। जिला अस्पताल मे सोमवार को ओपीडी में मरीजों को भीड़ रही। अव्यवस्थाओं के चलते मरीजों को पर्चा काउंटर, ओपीडी कक्ष और दया काउंटर पर घंटों लाइन में लगना पड़ा। पहले पर्चा वनवाने के लिए कुछ मरीजों में धक्का-मुक्की भी हुई। ओपीडी में बुखार, सदर्दी, खांसी, जुकाम के साथ ही सीने में जलन, दर्द, सांस लेने में तकलीफ और पेट से संबंधित बीमारियों के मरीज ज्यादा पहुंचे। मरीजों को जांच और परामर्श के लिए लंवा इंतजार करना पड़ा। दवा काउंटर पर भीड़ के कारण मरीजों की कतारें लगी रहीं। इनमें महिला मरीजों की संख्या अधिक नजर आई। वहीं, अस्पताल परिसर में आयोजित शिविर में प्रमाण पत्र वनवाने के लिए बड़ी संख्या में दिव्यांग पहुंचे। वही जोगीनवादा के दुर्गानगर निवासी जितेंद्र पानी मोनी को लेकर सोमवार को ओपीडी मे पहुंचे। जितेंद्र ने बताया कि पत्नी को दौरे पड़ते है। वह मोनी को दिखाने के लिए कमरा नंबर 8 मे पहुंचे। जहां हड्डी रोग विशेषज्ञ बैठते है। उनका आरोप है कि उन्होंने मोनी को देखने को मना कर दिया। यह काफी देर तक बाहर बैठे रहे मगर कोई भी डॉ मरीज का इलाज करने नही आया। मोनी खुद से चलने की स्थिति में नहीं थी। पास मे रखी व्हीलचेयर मे जंजीर बंधी थी। जिसमें ताला लगा था। एडीएसआईसी डॉ. अजय मोहन अग्रवाल तक सूचना पहुंचने के बाद मरीज को इमरजेंसी में भर्ती किया गया। मनकक्ष इंचार्ज डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि मरीज की खून की जांच कराई गई है। मंगलवार को रिपोर्ट आने पर स्पष्ट हो पाएगा कि मरीज की यह स्थिति क्यों बन रही है।।
बरेली से कपिल यादव
