राजस्थान/बाड़मेर- नशे जैसी सामाजिक बुराई के विरुद्ध जनचेतना जगाने के उद्देश्य से संचालित अभियान “एक युद्ध नशे के विरुद्ध” के अंतर्गत पदयात्रा का तीसरा दिन आज अभूतपूर्व जनभागीदारी, उत्साह और समर्थन के साथ सम्पन्न हुआ। पदयात्रा की शुरुआत अंबेडकर सर्किल चौहटन सर्किल पर स्थित भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई, जहाँ उपस्थित जनसमूह ने नशामुक्त समाज का संकल्प लिया।
कार्यक्रम संयोजक ठाकराराम माली ने बताया कि इस जनजागरण पदयात्रा को युवा नेता सुरेश जाटोल अध्यक्ष, जटिया समाज, लूणसिंह झाला, माधोसिंह राजपुरोहित, निवर्तमान सभापति दिलीप माली एवं अम्बालाल अलबेला ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पदयात्रा में युवाओं के साथ-साथ मातृशक्ति एवं शहर के प्रबुद्ध नागरिकों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। पदयात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, शहर के विभिन्न स्थानों पर मातृशक्ति, युवा साथियों एवं प्रबुद्धजनों द्वारा पुष्पवर्षा कर पदयात्रा का आत्मीय स्वागत एवं खुलकर समर्थन किया गया, जिससे पूरे मार्ग में उत्साह और ऊर्जा का माहौल बना रहा।
माली ने बताया कि पदयात्रा शास्त्रीनगर के विभिन्न वार्डों से गुजरती हुई गांधीनगर पहुंची और जांगिड़ उद्यान के सामने समापन हुआ। समापन स्थल पर आयोजित नुक्कड़ नाटक ने नशे के दुष्प्रभावों को प्रभावशाली और जीवंत प्रस्तुति के माध्यम से उजागर किया, जिसने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया।
इस अवसर पर खेतपाल टाइगर,प्रमोद चौधरी, किशन बडारिया, संपत सुवासिया, बलदेव फुलवारिया, चंपालाल जीनगर, जीतू चौहान, किशन मेघवाल, तोगाराम मेघवाल, अविनाश सारण, निम्बसिंह देवड़ा, मोहन सोनी, नारायण बृजवाल, जयमलसिंह पड़िहार, गोविन्द सिंह सोढ़ा, लालसिंह खारची, गोविंद माली, गजेंद्र माली, छगनलाल माली, नरेंद्र मेघवाल, स्वरूप सिवल, जोगेंद्र माली, लालाराम माली, हुकमाराम माली, छोटूसिंह पंवार सहित सैकड़ों की संख्या में युवा, मातृशक्ति एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे अभियान के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि नशा केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर हमला है। इसे जड़ से समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। “एक युद्ध नशे के विरुद्ध” अब केवल एक अभियान नहीं, बल्कि नशामुक्त समाज की दिशा में उठाया गया सशक्त जनआंदोलन बन चुका है।
– राजस्थान से राजूचारण
