गुरु तेग बहादुर की शहीदी शताब्दी की पूर्व संध्या पर सजा कीर्तन दरबार

बरेली। फारसी टोला स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब मे साहिब श्री गुरु तेग बहादुर, भाई मतीदास, भाई सतीदास एवं भाई दयाला की 350वीं शहीदी शताब्दी की पूर्व संध्या पर सोमवार शाम अलौकिक कीर्तन दरबार सजाया गया। दरबार की शुरुआत रहरास साहिब के पाठ से हुई। रविंदर सिंह की ओर से शबद चौकी व आरती कीर्तन प्रस्तुत किया गया। दरबार मे पटियाला से आए सिमरनजीत सिंह ने कहा कि दिल्ली के चांदनी चौक में तत्कालीन मुगल शासक औरंगजेब के आदेश पर इस्लाम कबूलने से इनकार करने पर भाई मतीदास, सतीदास, दयाला को शहीद कर दिया था। उन्होंने बताया कि तीनों ने जपुजी साहिब का पाठ करते हुए शहादत स्वीकार की। बीबी जसप्रीत कौर पटियाला ने शबद गायन से संगत को निहाल किया। शिमला से आए गुरप्रीत सिंह ने भी शबद कीर्तन किया। गुरुद्वारा परिसर की अंदर बाहर पुष्प सज्जा की गई। पालकी साहिब की सजावट आकर्षण का केंद्र रही। अरदास और हुकुमनामा के बाद सरबत संगत ने गुरु का लंगर छका। कार्यक्रम का संचालन अध्यक्ष एमपी सिंह ने किया। आयोजन में अमरजीत सिंह बख्शी, राजेंद्र सिंह बख्शी, अमरजीत सिंह, लब्बल, कमलजीत सिंह, मालिक सिंह, महेंद्र सिंह, जसपाल सिंह, गुरप्रीत सिंह, गुरमीत सिंह आदि ने सहयोग दिया। गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर के महासचिव हरप्रीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि शहीदी दिवस का मुख्य दीवान मंगलवार सुबह 7 बजे गुरुद्वारा दुख निवारण संजय नगर में प्रभात फेरियों के आगमन से प्रारंभ होगा। इसमें गुरप्रीत सिंह, बीबी जसप्रीत कौर एवं पंजोखड़ा साहिब से आए सिमरनजीत सिंह कीर्तन और गुरु इतिहास सुनाएंगे।।

बरेली से कपिल यादव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *