बरेली/फतेहगंज पश्चिमी। प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रो, शिक्षकों व शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के फैसले से जिले मे खुशी की लहर है। लंबे समय से इलाज के खर्च के बोझ से जूझ रहे शिक्षामित्र वर्ग को अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। शिक्षामित्र संगठन का कहना है कि यदि यह व्यवस्था जल्द लागू होती है तो हजारो शिक्षामित्र और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और इलाज के दौरान आर्थिक संकट की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष कपिल यादव ने कहा कि सरकार के इस फैसले से जिले के 2800 शिक्षामित्रो को कैशलेस इलाज सुविधा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इससे लंबे समय से इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी झेल रहे शिक्षामित्रो को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने सरकार से इसे जल्द लागू करने की मांग भी की। महामंत्री कुमुद केशव पांडे ने इसे सरकार की ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि शिक्षामित्र लंबे समय से इस सुविधा की मांग कर रहे थे। सरकार द्वारा इसे लागू करने का निर्णय समाज के लिए प्रेरणादायक है और इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल गंगवार ने कहा कि शिक्षामित्रो को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देना स्वागत योग्य कदम है। जिला संरक्षक विनीत चौबे ने कहा कि शिक्षामित्र वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने मे लगे है लेकिन अब भी कम मानदेय और असुरक्षित सेवा जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षामित्रों को कैशलेस इलाज सुविधा मे शामिल करना सराहनीय है। साथ ही उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द मानदेय बढ़ाने की मांग की। वही अरविंद गंगवार, कुंवरसेन गंगवार, सर्वेश पटेल, अर्जुन सिंह, कृष्णा कुमारी, संजीव गंगवार, सतीश गंगवार, जसवीर सिंह, संजीव कुमार, भगवान सिंह यादव, संतोष कुमार, शिशुपाल सिंह, नरेश चंद्र गंगवार, आसिम हुसैन ने इस निर्णय को एतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया है।।
बरेली से कपिल यादव
