बरेली। प्रमुख सचिव के निर्देश पर लखनऊ से एडी हेल्थ और जेडी हेल्थ ने जिले के चार सरकारी अस्पतालों में औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखी। एडी हेल्थ डॉ. गया प्रसाद गुप्ता शुक्रवार सुबह 8:10 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने ओपीडी का निरीक्षण किया तो कक्ष तो खुले मिले लेकिन डॉक्टर मौजूद नही मिले। यहां एक्सरे और पैथोलाजी में खून की जांच के लिए लगी सीबीसी मशीन खराब मिली। साथ ही आक्सीजन प्लांट भी खराबी की वजह से ठप पड़ा मिला। यह टीमें जांच रिपोर्ट तैयार करके शासन को सौंपेगी। हालांकि ओपीडी परिसर मे मरीजों की संख्या भी कम थी। इसके बाद एडी हेल्थ ने जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और 300 बेड अस्पताल का भी जायजा लिया। एडी हेल्थ जब सुबह इमरजेंसी पहुंचे तो ईएमओ मरीज को भर्ती कर रहे थे। वार्ड में भी सिर्फ 9 मरीज ही भर्ती मिले। उन्होंने स्टाफ से रजिस्टर मांगे, जिसका गहनता से अवलोकन किया। इसके बाद वह पैथोलॉजी, ब्लड बैंक, बच्चा वार्ड समेत अन्य विभाग भी गए। जिला अस्पताल के बाद करीब 10 बजे जिला महिला अस्पताल पहुंचे तो यहां ओपीडी में मरीजों की लाइन लगी हुई थी और दो कक्षों मे प्रशिक्षु डॉक्टर मरीज देख रहे थे। वहीं लेबर रूम में डॉक्टर और स्टाफ मरीज को भर्ती करते मिले। इस मौके पर जिला अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. एलके सक्सेना, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अमित दिनकर समेत अन्य मौजूद रहे। उधर, ज्वाइंट डायरेक्टर (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) डा. एसके ध्रुव के नेतृत्व में टीम तीन सौ बेड अस्पताल पहुंची। वहां सीएमएस डा. इंतजार अली निरीक्षण के सिलसिले में बाहर गए थे। उनकी जगह पर डिप्टी डीटीओ डा.अमित कुमार टीम के साथ रहे। यहां जेडी को काफी गड़बड़ियां मिली। हास्पिटल में लगी एक्सरे मशीन काफी समय से खराब मिली, जिसकी वजह से मरीजों की जांचें नहीं हो पा रहीं थी। उन्होंने स्टाफ से सुविधा संबंधी जानकारी ली तो बताया कि अस्पताल का संचालन पूर्ण रूप से नहीं हुआ है, जो भी स्टाफ यहां तैनात है, वह संविदा और ठेके पर है। वह दवा स्टोर पहुंचे तो यहां एक फार्मासिस्ट अवकाश पर थे। दूसरे से उन्होंने सवाल किया कि दवा काउंटर पर कितनी आवश्यक दवाएं होनी चाहिए, इस पर वह जवाब नहीं दे सके। इस पर उन्होंने कड़ी फटकार लगाई और कार्य में सुधार करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने मानसिक अस्पताल का भी जायजा लिया।।
बरेली से कपिल यादव
